प्रदेश की मलिन बस्तियों में मालिकाना हक देने की प्रक्रिया जल्द होगी शुरू !
देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): प्रदेश में मालिकाना हक देने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। प्रदेश की मलिन बस्तियों में रहने वाले लोगों के दिन बदलने वाले हैं। इसके तहत सचिव आवास एवं शहरी विकास शैलेश बगोली ने सभी जिलाधिकारियों और नगर निकायों के अधिकारियों को निर्देश दिए हैं। सचिव बगोली ने कहा है कि नगर निकायों के अंतर्गत आने वाली मलिन बस्तियों के लोगों को भूमि अधिकार, उनके सीमांकन एवं पंजीकरण के लिए 2016 की नियमावली के प्रावधानों के तहत गठित समिति के माध्यम से तीन श्रेणियों में बांटा गया है। सचिव ने तीनों श्रेणियों के तहत मलिन बस्तियों का वर्गीकरण करते हुए एक माह के भीतर सभी डीएम व निकाय अधिकारियों से रिपोर्ट शासन को भेजने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि राजस्व व नगर निकाय के अधिकारियों के माध्यम से सर्वे कराकर उसकी सूचना शासन को प्रेषित की जाए। प्रदेश के 63 नगर निकायों में 582 मलिन बस्तियों में करीब 7,71,585 लोग निवास करते हैं। इनमें 36 फीसदी बस्तियां निकायों जबकि दस प्रतिशत राज्य और केंद्र सरकार, रेलवे व वन विभाग की भूमि पर मौजूद हैं। वहीं, बाकी 44 प्रतिशत बस्तियां निजी भूमि पर अतिक्रमण कर बनी हैं। सचिव ने कहा कि मलिन बस्तियों के विनियमितीकरण, सुधार एवं पुनर्विकास के लिए जिलों में जिलाधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति अपनी स्पष्ट सिफारिश जल्द शासन को भेजे, ताकि शासन में गठित प्रदेश स्तरीय समिति द्वारा उस पर निर्णय लिया जा सकें।







