खबर न्यू  इंडिया (न्यूज़ डेस्क): प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पश्चिम एशिया में चल रहे संघर्ष राज्यसभा में में अपनी बात रखी.  पीएम मोदी ने कहा कि खाड़ी के देशों में बसे भारतीयों की सुरक्षा और आजीविका सरकार के लिए एक बड़ी चिंता का विषय है तथा भारत संवाद एवं कूटनीति के माध्यम से क्षेत्र में शांति बहाली चाहता है. इस संघर्ष ने भारत के लिए अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं. उन्होंने कहा, इस युद्ध से व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं. गैस, फर्टिलाइजर जैसी जरूरी चीजों की सप्लाई प्रभावित हो रही हैं. गल्फ देशों में एक करोड़ से ज्यादा भारतीय लोग रहते हैं, उनकी सुरक्षा भी भारत के लिए बहुत बड़ी चिंता है. कहा कि तीन सप्ताह से अधिक समय हो चुका है तथा इस युद्ध ने विश्व में गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है. उन्होंने कहा कि भारत के लिए भी यह स्थिति चिंताजनक है.  


पीएम मोदी ने कहा कि इस युद्ध से हमारे व्यापार के रास्ते प्रभावित हो रहे हैं. इससे पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक जैसे जरूरी सामान की नियमित आपूर्ति प्रभावित हो रही है. पीएम मोदी ने स्पष्ट किया है कि ऊर्जा आयात के लिए विदेशी जहाजों पर निर्भरता कम करने के लिए सरकार ने 70,000 करोड़ रुपये की विशाल स्वदेशी जहाज निर्माण परियोजना शुरू की है। इस परियोजना के तहत 2500 स्वदेशी जहाजों का निर्माण होना है। यह कदम इस बात का संकेत है कि भारत वैश्विक अस्थिरता के बीच अपनी ऊर्जा सुरक्षा को लेकर आत्मनिर्भरता की ओर तेजी से बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि वैश्विक चुनौतियों के समय भारत को परेशानी होती है, इसका कारण है कि हमारा 90 प्रतिशत पेट्रोलियम पदार्थ विदेशी जहाजों पर होता है। इससे निपटने के लिए हम स्वदेशी जहाज बनाने की दिशा में काम कर रहे हैं। पीएम मोदी ने कहा कि भारत ईरान, अमेरिका और इजरायल के साथ संपर्क में हैं. हमने हॉर्मुज स्ट्रेट खोले जाने पर भी उनसे बात की है. कमर्शियल जहाजों पर हमला और होर्मुज स्ट्रेट में रुकावट अस्वीकार्य है. साथ ही भारत ने एनर्जी इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमले का विरोध किया है. होर्मुज स्ट्रेट कच्चे तेल, गैस फर्टिलाइजर का बड़ी मात्रा में आता है.  युद्ध के बाद से होर्मुज से जहाजों का आना जाना चुनौतीपूर्ण हुआ है. सरकार ने कूटनीति के माध्यम से हमने समाधान निकालने का प्रयास किया जिससे गैस और तेल की सप्लाई भारत पहुंचे. बीते दिनों में कई देशों से कच्चा तेल और एलपीजी से भरे जहाज भारत आए. इस दिशा में आने वाले दिनों में प्रयास जारी रहेंगे.

पीएम मोदी ने कहा किभारत ने इस समस्या के समाधान के लिए संवाद का ही रास्ता सुझाया है. युद्ध में किसी के भी जीवन में संकट मानवता के हक में नहीं है. भारत का सतत प्रयास सभी पक्षों को शांति पूर्ण समाधान के लिए प्रोत्साहित करने का है. उन्होंने बताया, 'युद्ध शुरू होने के बाद से 3.75 लाख भारतीय सुरक्षित भारत वापस लौट चुके हैं. ईरान से भी 1 हजार से ज्यादा भारतीय सुरक्षित वापस लौटे हैं. इनमें 700 से अधिक मेडिकल की पढ़ाई करने वाले युवा हैं. बीते कुछ दिनों में दुनिया के अनेक देशों से कच्चा तेल और एलपीजी से भरे जहाज भारत आए हैं. उन्होंने बताया भारत के पास क्रूड ऑयल के पर्याप्त स्टोरेज है और निरंतर सप्लाई की व्यवस्था है. ईंधन के किसी स्रोत पर ज्यादा निर्भरता न रहे. घरेलू उपयोग के लिए सरकार एलपीजी के अलावा पीएनजी कनेक्शन पर भी काम कर रही है. बीते दिनों में इसे और भी तेज किया गया है. एलपीजी के घरेलू उत्पादन को भी बढ़ाने का प्रयास किया गया है.

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