कैबिनेट ने किया प्रस्ताव पारित, Uksssc द्वारा लगभग 7000 पदों पर गतिमान भर्ती प्रक्रिया राज्य लोक सेवा आयोग को हस्तांतरित
देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में इसके लिए लोक सेवा आयोग के विनियम में संशोधन पर मुहर लग गई। शुक्रवार को सचिवालय में हुई बैठक में कुल 18 प्रस्ताव पास किए गए। इनमें कार्मिक विभाग की ओर से उत्तराखंड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की समूह-ग की भर्तियों को लेकर निर्णय भी शामिल है। बैठक के बाद सचिव कार्मिक शैलेश बगौली ने बताया कि अधीनस्थ सेवा चयन आयोग की भर्तियों को तीन श्रेणियों में बांटने का निर्णय लिया गया है। बगौली के मुताबिक, कुल 7000 पदों पर भर्ती की जिम्मेदारी उत्तराखंड लोक सेवा आयोग को दी गई है। करीब 700 पद ऐसे हैं, जिनकी भर्ती परीक्षा रद्द हुई है। 5340 ऐसे पद हैं, जिनका केवल विज्ञापन प्रकाशित हुआ है और 1187 ऐसे पद हैं, जिनका विज्ञापन प्रकाशित किया जाना है। जिन अभ्यर्थियों की फीस जमा थी, उन्हें दोबारा फीस नहीं देनी होगी। सभी भर्तियों के लिए लोक सेवा आयोग कैलेंडर जारी करेगा। इसी हिसाब से जल्द से जल्द भर्तियां की जाएंगी।
उत्तराखंड राज्य अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा लगभग 7000 पदों पर गतिमान भर्ती प्रक्रिया राज्य लोक सेवा आयोग को हस्तांतरित करने के सम्बंध में आज कैबिनेट से प्रस्ताव पारित हो गया है। मुख्यमंत्री श्री धामी के निर्देश हैं कि भर्ती परीक्षाओं की शुचिता और गरिमा बनाए रखने के लिए राज्य सरकार हर संभव कदम उठाएगी। इसी दिशा में आगे बढ़ते हुए सरकार ने इन भर्तियों को राज्य लोक सेवा आयोग से कराने का निर्णय लिया है। मुख्यमंत्री ने शीघ्र ही भर्ती परीक्षाओं का एक कैलेंडर जारी कर भर्ती प्रक्रिया प्रारंभ करने के निर्देश दिए हैं।
सीएम ने भविष्य की परीक्षाओं का भी एडवांस कैलेंडर जारी करने के निर्देश दिये
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश है कि वर्तमान विज्ञापित पदों के साथ-साथ राज्य सरकार के सभी विभाग एक निश्चित समय सीमा के भीतर अपने यहां सीधी भर्तियों के रिक्त पदों की सूची बनाते हुए आयोग को उपलब्ध कराएं जिससे भविष्य की परीक्षाओं का भी एडवांस कैलेंडर जारी किया जा सके। वे समस्त परीक्षाएं जिनमें अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा किसी भी चरण की परीक्षा आयोजित कर परिणाम घोषित कर दिया गया है, किन्तु चयन प्रक्रिया पूर्ण नहीं हुई है. उन परीक्षाओं की अवशेष कार्यवाही उत्तराखण्ड अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा की जायेगी। वे समस्त परीक्षाएं जिनमें अधीनस्थ सेवा चयन आयोग द्वारा आवेदन आमंत्रित किये जा चुके हैं तथा कोई भी परीक्षा आयोजित नहीं की गयी है; उनमें लोक सेवा आयोग की परिधि में जाने के पश्चात् पुनः विज्ञप्ति प्रकाशित किए जाने की दशा में अभ्याथियों को आवेदन शुल्क से मुक्त रखा जाएगा। राज्य सरकार सरकारी नौकरियों में भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता और स्वच्छता के लिए प्रतिबद्ध है
शीघ्र से शीघ्र परीक्षाएं कराकर युवाओं को नौकरी देना सरकार की पहली प्राथमिकताः सीएम
युवाओं का मनोबल बनाए रखने के लिए राज्य लोक सेवा आयोग के माध्यम से शीघ्र से शीघ्र परीक्षाएं कराकर युवाओं को नौकरी देना सरकार की पहली प्राथमिकता है। युवा बेरोजगारों को स्वस्थ प्रतिस्पर्धी माहौल देने के लिए सरकार कृतसंकल्प है।
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