खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): करवाचौथ के दिन सुहागिन महिलाएं निर्जला व्रत रखकर पति की लंबी आयु और अच्छी सेहत की प्रार्थना करती हैं. करवा चौथ का व्रत रख रही सुहागिन महिलाएं रात में चांद देखकर अपना व्रत खोलती हैं. इसलिए पूरे दिन बिना खाए-पिए रहने के बाद चांद के निकलने का इंतजार बहुत बेसब्री से रहता है. इस दिन महिलाएं सूर्योदय से लेकर चंद्रोदय तक व्रत रखती हैं. इसके साथ ही पूजा-पाठ और अन्य अनुष्ठान करती हैं. नियम के अनुसार, करवा चौथ के दिन महिलाएं सुबह सूर्योदय से पहले सरगी खाकर व्रत की शुरुआत करती हैं. इसके बाद वह दिनभर भूखी-प्यासी रहती हैं. वहीं रात को चंद्रमा को अर्ध्य देकर व्रत को खोलती हैं. इस दिन महिलाएं पारंपरिक तरीके से सजती-संवरती, 16 श्रृंगार करती हैं और हाथों पर मेहंदी भी लगाती हैं. सभी के मन में यह जानने की इच्‍छा रहती है कि करवा चौथ का चांद किस समय निकलेगा. हिंदू पंचांग में भले ही चंद्रोदय का एक निश्चित समय बताया गया है लेकिन देश के राज्‍यों में बारिश और बादलों के कारण सभी जगह चंद्रमा अलग-अलग समय नजर आएगा.

हिंदू पंचांग के अनुसार आज 13 अक्‍टूबर को करवा चौथ का चांद रात 8 बजकर 16 मिनट पर उदय होगा. चंद्रमा निकलते ही छलनी से चांद को देखें और फिर अपने पति का चेहरा देखें. चंद्रमा को अर्ध्‍य दें, पूजा करें और अपने पति को लंबी आयु देने की प्रार्थना करें. सासू मां का आशीर्वाद लें और फिर पति के हाथ से पानी पीकर करवा चौथ का व्रत खोलें. वहीं चंद्र दर्शन से पहले शाम को करवा चौथ की पूजा करें इसके लिए सबसे अच्छा मुहूर्त 13 अक्टूबर की शाम को 5 बजकर 54 मिनट से लेकर 7 बजकर 09 मिनट तक है. 

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