खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : किसानों के दिल्ली कूच को लेकर सुरक्षाकर्मियों को कड़े निर्देश दिए गए हैं. किसी भी सूरत में ट्रैक्टर ट्रॉली के साथ किसानों को दिल्ली में घुसने से रोकने को कहा गया है. सिंघु-गाजीपुर-टिकरी-चिल्ला बॉर्डर पर करीब 18 हजार सुरक्षाकर्मी तैनात हैं. हर बॉर्डर पर 7 लेयर की कड़ी सुरक्षा है. दिल्ली पुलिस के अलावा, रैपिड एक्शन फोर्स, सीआईएसएफ, बीएसएफ के जवानों की तैनाती की गई है. किसानों का दिल्ली कूच रोकने के लिए केंद्र सरकार और किसान नेताओं के बीच सोमवार देर रात तक चली मैराथन बैठक में फसलों के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) की गारंटी पर बात अटक गई। दिल्ली से सटी सभी सीमाओं को सील कर दिया गया है। किसानों ने एक बार दिल्ली घेराव की तैयारी कर ली है. इसे 'चलो दिल्ली मार्च' का नाम दिया गया है. कई लोग इसे किसान आंदोलन 2.0 भी कह रहे हैं. किसानों के पंजाब से दिल्ली के लिए निकलने के बाद हरियाणा और दिल्ली सीमा पर पुलिस और सुरक्षा बलों की हलचल बढ़ गई है. किसानों को रोकने के लिए सीमा पर ऊंचे-ऊंचे बैरिकेड्स लगाने का काम अब भी जारी है. इसके अलावा कई जगह कंटीले तार भी लगाए जा रहे हैं. दिल्ली पुलिस ने किसानों को रोकने के लिए लोहे के फट्टों में लोहे की कील डालकर बॉर्डर पर रखी हैं। साथ ही यूपी गेट पर पीएसी को भी तैनात किया गया है। अंबाला के शंभू बॉर्डर पर भारी पुलिस बल तैनात है। न्यूनतम समर्थन मूल्य की गारंटी वाले कानून की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन के लिए किसान दिल्ली आ रहे हैं।

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