उत्तराखंड में पहाड़ी व देसी पर मचा घमासान ! पढ़े क्या हैं पूरा मामला....
देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : शुक्रवार को विधानसभा बजट सत्र के दौरान चौथे दिन सदन की कार्रवाई के दौरान जब कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट ने सदन के भीतर क्षेत्रवाद का मुद्दा उठाया, तो फिर प्रेमचंद अग्रवाल अपने आप को नहीं रोक सके. दरअसल पहाड़ में नक्शा पास कराने में हो रही दिक्कतों के सवाल का संसदीय व विभागीय मंत्री जवाब दे रहे थे। इसी दौरान कांग्रेस विधायक बिष्ट ने टिप्पणी कर दी। इस बात पर मंत्री बिफर गए। वह इस कदर नाराज हो गए कि उन्होंने विपक्षी विधायक पर पहाड़ व मैदान के नाम पर उत्तराखंड को बांटने की कोशिश करने का आरोप लगाया। कहा, विपक्ष के विधायक पहाड़ मैदान की बात कर उत्तराखंड को कहां ले जाना चाहते हैं। बात को पहाड़ी व देसी पर ले जाया जा रहा है। यह बहुत ही दुर्भाग्यपूर्ण है। उत्तराखंड से कौन है, कोई राजस्थान से और कोई मध्यप्रदेश आया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड सिर्फ पहाड़ी लोगों के लिए बना है क्या? उन्होंने भी राज्य आंदोलन के दौरान संघर्ष किया है. दोनों नेताओं की बहस पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी ने भी अपना नाराजगी जताई. चौथे दिन सदन की कार्रवाई के दौरान सदन के भीतर प्रेमचंद अग्रवाल ने इस बाबत अपनी सफाई दी. कहा कि उनके बयानों को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है. वहीं बयानबाजी के बीच अब विपक्षी दल समेत तमाम पर्वतीय संगठन कैबिनेट मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के विरोध में उतर आए हैं.
गौर हो कि बजट सत्र के पहले दिन राज्यपाल के अभिभाषण के बाद द्वाराहाट से कांग्रेस विधायक मदन सिंह बिष्ट और संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के बीच तीखी बहस हो गई थी. संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने विधायक पर सदन में शराब पीकर आने का आरोप लगाया था. मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल द्वारा पहाड़ी समाज के लिए विवादित बोल पर कांग्रेस समेत तमाम संगठन मुखर हो गए हैं. प्रेमचंद अग्रवाल से माफी मांगने व इस्तीफा देने की मांग कर रहे हैं. दरअसल, विधानसभा बजट सत्र के दौरान सदन के भीतर कांग्रेस विधायक मदन बिष्ट और मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के बीच जुबानी झड़प हो गई थी. अब इस पूरे मामले के बाद तमाम पर्वतीय संगठन एकजुट होकर मंत्री का विरोध कर रहे हैं.
विधानसभा सदन में दिए गए संसदीय कार्यमंत्री के बयान पर कल से चल रहे बबाल के बाद प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा है कि उत्तराखंड में रह रहे सभी लोग उनके परिवार हैं. परिवार के लोगों के समक्ष अनजाने में कही गई बात के लिए खेद प्रकट करने में उन्हें संकोच नहीं है. हालांकि उन्होंने अपने बयान में ये भी जोड़ा कि सदन के भीतर उनके द्वारा कही गई बात को तोड़ मरोड़कर पेश किया जा रहा है. संसदीय कार्यमंत्री प्रेमचंद अग्रवाल ने कहा कि मेरे बयान को कुछ लोग ग़लत तरीक़े से तोड़ मरोड़ कर पेश कर रहे हैं. मैंने कहा था कि सारे उत्तराखंड में देश के सभी हिस्सों के लोग रहते हैं. हम सभी उत्तराखंड के हैं और उत्तराखंड हमारा है. उन्होंने कहा कि उत्तराखंड हमारे हृदय में समाया है. मैंने सारे उत्तराखंड की बात की थी. उन्होंने कहा कि मैं उत्तराखंड में पैदा हुआ. उत्तराखंड में पला-बढ़ा. यहीं मुझे जीवन व्यतीत करना है और यहीं मरना है. उन्होंने कहा कि मेरा उद्देश्य और कथन का आशय यह था कि उत्तराखंड एक गुलदस्ता है, जिसमें हर तरह के रंग बिरंगे फूल इसकी खूबसूरती हैं. मेरे बयान को ग़लत तरीक़े से पेश किया गया.
इस हंगामे से नाराज विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने कहा, सत्तापक्ष व विपक्ष इस तरह का व्यवहार कर रहा है, जैसे चौराहे पर हैं। हम सब उत्तराखंड के लोग हैं। पहाड़ व देसी नहीं है। उत्तराखंड की लड़ाई हम सबने लड़ी है। बार-बार बोलने के बाद भी सदन में इस तरह की टिप्पणी की जा रही है जो दुर्भाग्यपूर्ण है। सदन में दोनों नेताओं की बहस पर स्पीकर ऋतु खंडूड़ी ने नाराजगी जताई है.
उन्होंने कहा उत्तराखंड बहुत सारी कुर्बानी के बाद मिला है. पहाड़ से लेकर मैदान तक के लोगों ने उत्तराखंड के लिए बहुत कष्ट उठाए है. उत्तराखंड को पाने के लिए लोगों ने अपनी जान तक दी है. उसके बाद भी हम इस तरह की बात कर रहे है? हमें तो एक साथ रहकर उत्तराखंड किस तरह विकसित हो इसकी बात करनी चाहिए. ये मुद्दा शायद अब नहीं उठाना चाहिए. मैं सदन में तो इस तरह की चींज बिल्कुल भी बर्दाश्त नहीं करूंगी.
उत्तराखंड के वित्त मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल की विधानसभा में पहाड़ियों पर की गई टिप्पणी के बाद लगातार उनका विरोध हो रहा है. मंत्री प्रेमचंद अग्रवाल के बयान के प्रदेश में सियासत गर्माई हुई है. उत्तराखंड के अलग-अलग हिस्सों में प्रेमचंद अग्रवाल के बयान का विरोध हो रहा है. कांग्रेस कार्यकर्ता उनके इस्तीफे की मांग कर रहे हैं. राज्य आंदोलनकारी भी मंत्री के बयान से नाराज हैं. सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी विभिन्न संगठनों द्वारा प्रेमचंद अग्रवाल पर कार्रवाई की मांग की जा रही है. सीएम धामी ने पहाड़ और मैदान के अलावा अलग-अलग क्षेत्र और पूरे उत्तराखंड को लेकर अपनी और सरकार की सोच को सामने रखा. उन्होंने कहा कि हम सब उत्तराखंड के लोग एक हैं. हमको उत्तराखंड को आगे बढ़ाने के लिए काम करना है. हालांकि सरकार के इस डैमेज कंट्रोल के बाद बावजूद सोशल मीडिया पर लोग आक्रामक नजर आ रहे हैं.
#Uttarakhand #PremChandAggarwal #BJP4IND #BudgetSession #Premchandagarwal #UttarakhandBudgetSession2025,







