खबर न्यू  इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : इंडिगो संकट पर नागर विमानन मंत्री राम मोहन नायडू ने सोमवार (8 दिसंबर 2025) को राज्यसभा में कहा कि सरकार इस मुद्दे को काफी गंभीरता से ले रही है. उन्होंने कहा कि फिलहाल इसकी जांच चल रही और निष्कर्ष आने पर हम काफी सख्त एक्शन लेंगे, जो कि अन्य एयरलाइंस के लिए मिसाल बने. राज्यसभा में पूछे गए एक जवाब देते हुए नायडू ने कहा कि यह स्थिति इंडिगो के इंटरनल ऑपरेशन में समस्या के कारण पैदा हुई है, जिसमें क्रू का रोस्टरिंग सिस्टम और आंतरिक योजना शामिल हैं. इंडिगो की उड़ान सेवाएं सोमवार को भी पूरी तरह से पटरी पर नहीं लौट सकी है. 15 दिसंबर 2025 तक जिन उड़ानों को रद्द किया गया है, उनका बाकी रिफंड भी प्रोसेस में है. अब तक 827 करोड़ रुपये का रिफंड दिया जा चुका है. इस बीच, सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि इंडिगो संकट की जांच कर रही डीजीसीए समिति बुधवार को सीईओ पीटर एल्बर्स और सीओओ इसिड्रे पोरक्वेरस को तलब कर सकती है। इंडिगो ने रविवार तक अपनी 75% उड़ानें बहाल कर 1,650 उड़ानें संचालन में वापस लाईं, जबकि सामान्य औसत 2,200 है। एयरलाइन ने कहा कि 10 दिसंबर तक स्थिति पूरी तरह सामान्य हो जाएगी। अब तक यात्रियों को ₹800 करोड़ से अधिक के रिफंड जारी किए जा चुके हैं।

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