देहरादून, खबर न्यू  इंडिया (न्यूज़ डेस्क): भाजपा के दिग्गज नेता और उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी का आज निधन हो गया है. वह लंबे समय से बीमार चल रहे थे। उन्होंने देहरादून में अंतिम सांस ली. उनके निधन की खबर सामने आते ही पूरे उत्तराखंड में शोक की लहर दौड़ गई. राजनीति, समाज और प्रशासनिक क्षेत्र से जुड़े लोगों ने उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की. 
मेजर जनरल भुवन चंद्र खंडूरी भारतीय सेना के पूर्व अधिकारी थे और उन्होंने सेना में लंबी सेवा देने के बाद राजनीति में कदम रखा. अपने सख्त अनुशासन, साफ-सुथरी छवि और ईमानदार कार्यशैली के कारण वे उत्तराखंड की राजनीति में एक अलग पहचान रखते थे. उन्हें एक ऐसे नेता के रूप में जाना जाता था, जो फैसले लेने में दृढ़ और प्रशासनिक मामलों में बेहद सख्त माने जाते थे. उत्तराखंड के चौथे मुख्यमंत्री रहे भुवन चंद्र खंडूड़ी को  पूर्व प्रधानमंत्री स्व.अटल बिहारी वाजपेयी राजनीति में लाए थे। ये 1990 का दौर था। खंडूड़ी सेना से रिटायर हुए थे। भुवन चंद्र खंडूड़ी की गिनती पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के भरोसेमंदों में होती थी। 
खंडूरी पहली बार वर्ष 2007 में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री बने. उन्होंने मार्च 2007 से लेकर जून 2009 तक राज्य की कमान संभाली. इस दौरान उन्होंने प्रशासनिक सुधार, सड़क निर्माण और पारदर्शिता को लेकर कई अहम फैसले लिए. हालांकि, 2009 के लोकसभा चुनाव में पार्टी के प्रदर्शन के बाद उन्होंने मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया. इसके बाद वर्ष 2011 में एक बार फिर उन्हें उत्तराखंड का मुख्यमंत्री बनाया गया. उन्होंने सितंबर 2011 से लेकर मार्च 2012 तक दूसरी बार मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया. खंडूरी के नेतृत्व में “खंडूरी है जरूरी” जैसे नारे भी काफी लोकप्रिय हुए, जो उनकी सख्त और ईमानदार छवि को दर्शाते थे.

#BCKhanduriDeath #BCKhanduri #BhuwanChandraKhanduri #cmpushkarsinghdhami #pushkarsinghdhami #cmdhami #Dehradunnews #Uttarakhandnews,