सुकामना फाउंडेशन और ट्रस्ट ने मासिक धर्म को लेकर महिलाओं व किशोरियों को किया जागरूक
देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : विश्व मासिक धर्म स्वच्छता दिवसपर सुकामना फाउंडेशन और ट्रस्ट की ओर से मिलन केंद्र, शास्त्रीनगर, देहरादून में महिला मासिक धर्म स्वच्छता पर जागरूकता कार्यक्रम सफलतापूर्वक आयोजित किया । इसका संचालन डॉ. प्रियंका सिंह (स्त्री रोग विशेषज्ञ), मिलियन डॉटर्स (सेनेटरी नैपकिन) और सुश्री रश्मी राव वाहुले (लीडरशिप कोच) के सहयोग से किया गया। इस आयोजन का उद्देश्य वर्जनाओं को तोड़ना और मासिक धर्म आक्षेप को समाप्त करना था। मासिक धर्म स्वच्छता दिवस 2022 की थीम को लागू करने के लिए "2030 तक मासिक धर्म को जीवन का एक सामान्य तथ्य बनाना" अभियान की शुरुआत डॉ. प्रियंका सिंह के नेतृत्व में मासिक धर्म स्वच्छता, महिला स्वास्थ्य के मुद्दों जैसे हार्मोनल परिवर्तन, पीसीओडी, पीसीओएस आदि पर जागरूकता कार्यक्रम के साथ हुई जिस के बाद नि:शुल्क ओपीडी सत्र हुआ और 62 लाभार्थियों को नि:शुल्क जांच का लाभ मिला। इसके अलावा, कार्यक्रम रश्मि राव वाहुले के साथ भी समृद्ध हुआ, जिन्होंने महिलाओं के अपने लिए खड़े होने और अपनी जरूरतों को व्यक्त करने के महत्व को खूबसूरती से उजागर किया, इस प्रकार उनकी आत्म-छवि पर सकारात्मक प्रभाव डाला, जिसके बाद सैनिटरी पैड का वितरण भी किया गया। उन्होंने कहा कि मासिक धर्म यानि माहवारी महिलाओं की जीवनचर्या का अभिन्न अंग है और इस बारे में खुल कर बात करना जरूरी है ताकि यह विषय दुनिया के लिए अस्पृश्य न रह कर सामान्य ज्ञान की श्रेणी में आ सके। उन्होंने माहवारी स्वच्छता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मासिक धर्म के दौरान सेनेटरी नेपकिन का इस्तेमाल करना चाहिए। इसे खरीदने में झिझक नहीं होनी चाहिए। इसके प्रति पुरुषों को भी संवेदनशील होने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि पीरियड्स कोई छुआछूत नहीं हैं और न ही ये परिवार से अलग रहने के लिए होते हैं।

जागरूकता कार्यक्रम सौभाग्य से और प्रभावी ढंग से एक इंटरैक्टिव सत्र में निष्पादित किया गया और कई महिलाएं इस विषय पर खुलकर बात करने में सक्षम रहीं। इस अवसर पर सुकामना ट्रस्ट के सदस्यों सत्यजीत बनर्जी, ऋचा सिंघल, नवज्योति सिंघल, डॉ. लता सती, सुरप्रीत अरोड़ा, नीता शर्मा, रूपम श्रीवास्तव, अमन यादव और शिव नारायण के अलावा सविता कपूर (विधायक), मीरा कठैत (पार्षद), के. राम बाबू, रंजीत सेमवाल, नूतन वर्मा, सूरज बिष्ट और तुल बिष्ट द्वारा भी आवश्यक सहयोग प्रदान किया गया।







