देहरादून को स्वच्छ व पॉलीथिन मुक्त कराने हेतु, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के इक्विटी एम्पावरमेंट एंड डेवलपमेंट (SEED) डिवीजन के बढ़ते कदम
देहरादून,खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : वर्तमान समय में प्लास्टिक आदि से होने वाले प्रदूषण का स्तर काफी तेजी से बढ़ा है, जो कि पूरे विश्व के लिए एक चिंताजनक विषय बन गया है। समय की इस विशेष चुनौती के समाधान को स्वीकार करते हुए पोस्टडॉक्टरल वूमेन साइंटिस्ट (यूजीसी) व सचिव उन्नति महिला उद्यमिता एवं प्रशिक्षण समिति देहरादून, डॉ भावना गोयल द्वारा भारत सरकार, विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग (DST) के इक्विटी एम्पावरमेंट एंड डेवलपमेंट (SEED) डिवीजन की परियोजना के तहत देहरादून के ब्रह्मपुरी ब्लॉक में महिलाओं व लड़कियों को बिच्छू घास से निकले फाइबर व उस से बनने वाले मूल्य वर्धित उत्पादों के बारे में जानकारी देने के लिए महिलाओं के सशक्तिकरण के लिए एक ट्रेनिंग प्रोग्राम चलाया जा रहा है । यह उत्पाद प्लास्टिक के यूज़ को कम करेंगे। प्रोग्राम के माध्यम से महिलाएं पॉलिथीन के स्थान पर प्रयोग करने वाले बिच्छू घास के बने बायोडिग्रेडेबल व इको फ्रेंडली कपड़े को बनाने की तकनीक के बारे में जानेंगी जिस से बने मूल्य वर्धित उत्पादों का उन जगहों पर प्रयोग किया जाएगा जहां पर हम रोजमर्रा के प्रयोग में पॉलिथीन और प्लास्टिक प्रयोग में लाते हैं। इस परियोजना का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण के प्रदूषण को रोकना स्थानीय महिलाओं के आर्थिक और सामाजिक विकास के माध्यम से संपूर्ण क्षेत्र का विकास करना व प्राकृतिक संसाधनों को व्यर्थ जाने से रोक कर उनका लाभकारी कार्यों में प्रयोग करना है। इस प्रकार महिलाओं के सशक्तिकरण व पर्यावरण को प्रदूषण को रोकने के लिए के लिए चलाए गए इस तरह के प्रोग्राम निसंदेह सराहनीय है।







