देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : श्रीमद् भागवत ज्ञानयज्ञ सप्ताह के दूसरे दिन श्रद्धालु कथा श्रवण के भाव विभोर हुए, कथा व्यास आचार्य पंडित भारत भूषण गैरोला शास्त्री ने द्वितीय दिवस की कथा में शुकदेव जी का जन्म की कथा को श्रवण कराते हुए बताया कि शुकदेव मुनि ने 12 वर्ष तक मातृ गर्भ में रहकर भगवान का भजन किया वेदव्यास जी ने जब उन्हें मृत्युलोक में आने को कहा तो शुकदेव मुनि ने कहा कि मैं इस संसार में नहीं आऊंगा क्योंकि संसार में माया पकड़ लेती है और व्यक्ति माया के बंधन में बंध जाता है मैं और मेरा इसी के बंधन को माया कहते हैं विष्णु की माया भगवती है इसी ने सारे संसार को सम्मोहित कर रखा है इसलिए मैं इस माया में नहीं बंधना चाहता हूं शुकदेव मुनि ने कहा कि यदि मायापती श्री नारायण कह दे कि तुझ पर माया का असर नहीं होगा तू में अवश्य संसार में आऊंगा मायावती श्री विष्णु को स्वयं आकर शुकदेव मुनि को कहना पड़ा कि माया का तुझ पर असर नहीं होगा
इसी शुकदेव मुनि ने जब राजा परीक्षित को 7 दिन में मरने का श्राप मिला था इस दिव्य कथा को श्रवण करा कर के  परीक्षित को मुक्त करवाया था


कथा व्यासआचार्य पंडित भारत भूषण गैरोला शास्त्री जी ने नारद जन्म वेदव्यास जन्म परीक्षित जन्म का दिव्य प्रसंग श्रवण करा कर के श्रद्धालु को भावविभोर किया इस शुभ अवसर पर कथा के मुख्य यजमान श्रीमान राजेंद्र सिंह नेगी (एडवोकेट) जी का भी जन्म दिवस था व्यास जी ने नेगी जी को खूब आशीर्वाद दिया आचार्य बिरेंद्र कोठारी ने गणेश आदि देवताओं का पूजन करके यजमान परिवार की उन्नति और प्रगति की कामना की संगीत पर बृजमोहन रतूड़ी व अरविंद पैन्यूली अपने भजनों से श्रद्धालु भक्तों को खूब आनंदित किया
इस अवसर पर नरेंद्र नेगी, सतेंद्र नेगी, बलवीर नेगी भूपेंद्र सिंह बिष्ट जी, आसीमा नेगी आयुष अक्षत आदि उपस्थित थे.