मुजफ्फरनगर,खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क)।  पशुपालन डेयरी और मत्स्य पालन केंद्रीय राज्यमंत्री डॉ संजीव बालियान ने जनपद के पशुपालकों को विभागीय सुविधाएं उपलब्ध कराने तथा एलएसडी बीमारी पर नियन्त्रण करने के 3 मोबाइल वेटेरिनरी (एमवीयू) वाहन को अपने कैम्प कार्यालय से हरी झण्डी दिखाकर योजना का शुभारम्भ किया। डा. संजीव बालियान ने लम्पी स्किन डिजीज का प्रकोप रोग की रोक-थाम एवं नियन्त्रण करने के लिए पशुधन मंत्री उप्र शासन द्वारा जनपद को आवंटित की गयी 3 मोबाइल वेटेरिनरी (एमवीयू) वाहन को अपने कैम्प कार्यालय से हरी झण्डी दिखाकर योजना का शुभारम्भ किया। जनता को इस योजना का काफी लाभ प्राप्त होगा। पशुपालकों के पशुओं के उपचार के लिए उनके द्वार पर जाकर टीम द्वारा उपचार किया जायेगा। प्रभावित ग्रामों में पंचायत राज विभाग द्वारा वैक्टर कन्ट्रोल हेतु छिड़काव किया जा रहा है। बीमारी से ग्रसित पशुओं को स्वस्थ पशुओं से अलग रखा जाए। सुबह शाम धुआं करें। लम्पी स्किन डिजीज अफवाहो से दूर रहें और असलियत को जानें।  जिसमें पशु की शरीर की चमड़ी पर पायी जाने वाली गांठे मनुष्यों में भी आ जाती है। नहीं, यह रोग जूनोटिक नहीं है, यह रोग पशुओं से मनुष्यों में नहीं फैलता है। यह मनुष्यों का रोग नही है। इस रोग से ग्रस्त पशु के दूध को काम में लेने से मनुष्य बीमार हो जाता है। नहीं, इस रोग से ग्रस्त पशु के दूध को उबालकर काम में लिया जा सकता है। यह रोग आने पर पशु की मृत्यु निश्चित ही है। बिल्कुल नहीं, इस रोग से पशु के स्वस्थ होने की पूरी सम्भावना है। इस रोग की मृत्यु दर मात्र 1-5 प्रतिशत ही है।