खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): ‘संविधान के 75 वर्ष की गौरवशाली यात्रा’ पर चर्चा में भाग लेते हुए संविधान, संशोधन, कांग्रेस, महिलाओं के उत्थान को लेकर चर्चा की है. अपने भाषण के दौरान पीएम मोदी ने 11 संकल्प गिनाए.  
पीएम मोदी ने लोकसभा में क्या 11 संकल्प रखे-
चाहे नागरिक हो या सरकार हो सभी अपने कर्तव्यों का पालन करेंगे। 
हर क्षेत्र हर समाज को विकास का लाभ मिले, सबका साथ, सबका विकास हो।
भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस हो, भ्रष्टाचारी की सामाजिक स्वीकार्यता ना हो।
देश के कानून, नियम, परंपराओं के पालन में देश के नागरिकों में गर्व का भाव हो।
गुलामी की मानसिकता से मुक्ति हो, देश की विरासत पर गर्व हो।
देश की राजनीति को परिवारवाद से मुक्ति मिली।
संविधान का सम्मान हो, राजनीतिक स्वार्थ के लिए संविधान को हथियार न बनाया जाय।
संविधान की भावना के प्रति समर्पण रखते हुए, जिनको आरक्षण मिल रहा है वो न छीना जाए, धर्म के आधार पर आरक्षण की कोशिश पर रोक लगे।
महिलाओं के नेतृत्व में विकास के मामले में भारत दुनिया में मिसाल बने।
राज्य के विकास से राष्ट्र का विकास, ये विकास का मंत्र हो।
एक भारत श्रेष्ठ भारत का देश सर्वोपरी हो।

इसके बाद प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि इन संकल्पों के साथ अगर हम सब मिलकर आगे बढ़ते हैं तो संविधान में 'हम भारत के लोग' की जो भावना है, उससे विकसित भारत का सपना पूरा होगा। मेरी देशवासियों के प्रति अपार श्रद्धा रही है। देश की युवा शक्ति के प्रति अपार श्रद्धा रही है। इसलिए देश 2047 में जब आजादी के सौ साल मनाएगा तो विकसित भारत के रूप में मनाएगा। हम इस संकल्प के साथ आगे बढ़ें।  पीएम मोदी ने कहा, "संविधान का सम्मान हो और राजनीतिक स्वार्थ के लिए उसे हथियार न बनाया जाए. संविधान की भावना के प्रति समर्पण रखते हुए जिन वर्गों को संविधान के तहत आरक्षण मिल रहा है, वह जारी रहे, लेकिन धर्म के आधार पर आरक्षण न दिया जाए. महिलाओं के नेतृत्व में विकास यानी वूमेन लेड डेवलपमेंट को प्राथमिकता दी जाए. राज्य के विकास के माध्यम से राष्ट्र के विकास हमारा विकास का मंत्र हो. 'एक भारत, श्रेष्ठ भारत' के लक्ष्य को सर्वोपरि हो. पीएम मोदी ने कहा, "भ्रष्टाचार के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई जाए, और भ्रष्टाचारियों की सामाजिक स्वीकार्यता खत्म हो. देश के कानूनों और परंपराओं के पालन में देश के नागरिकों को गर्व का भाव जागृत हो. गुलामी की मानसिकता से मुक्ति मिले और देश की सांस्कृतिक विरासत पर गर्व हो. देश की राजनीति को परिवारवाद से मुक्त कर लोकतंत्र को सशक्त बनाया जाए."

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