Budget 2025: बजट में मध्यम वर्ग और किसानो को बड़ी सौग़ात
खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): वित्त मंत्री सीतारमण ने अपने बजट के जरिए सैलरीड पेंशनर्स को बड़ी राहत दी है. ऐसे लोग जो सालाना 12 लाख रुपये तक कमाते हैं उन्हें नए वित्त वर्ष 2025-26 में कोई टैक्स नहीं चुकाना होगा. यानी 12 लाख रुपये तक की इनकम टैक्स-फ्री हो गई है. राहत की बात ये है कि टैक्सपेयर्स को न्यू रिजीम में 75000 रुपये सालाना स्टैंडर्ड डिडक्शन का लाभ मिलता रहेगा. यानी ऐसे टैक्सपेयर्स जिनकी सालाना इनकम 12.75 लाख रुपये है उन्हें कोई टैक्स नहीं देना होगा. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2025 का आम बजट पेश किया. इस बजट पर आम जनता से लेकर व्यापार जगत की भी नजरें टिकी हुईं थी. बजट में आयकर से जुड़ी घोषणाओं के साथ-साथ कई ऐसे ऐलान हुए, जो रोजमर्रा की जरूरतों से जुड़े सामान की कीमतों को प्रभावित करते हैं. बजट के दौरान वित्त मंत्री ने घोषणा की है कि मोबाइल फोन, एलईटी, एलसीडी टीवी और चमड़े के उत्पाद सस्ते होंगे. सरकार ने मेडिकल उपकरण और कैंसर से जुड़ी दवाइयों के दामों में कटौती की घोषणा की है. इसके अलावा भारत में बने कपड़े भी सस्ते होंगे.
न्यू इनकम टैक्स रिजीम में टैक्स स्लैब में बड़ा बदलाव किया गया है. 4 लाख रुपये तक के आय पर कोई टैक्स नहीं देना होगा. 4 - 8 लाख रुपये तक के इनकम पर 5 फीसदी, 8 - 12 लाख रुपये तक के आय पर 10 फीसदी, 12 -16 लाख रुपये तक के इनकम पर 15 फीसदी, 16 - 20 लाख रुपये तक के इनकम पर 20 फीसदी, 20 -24 लाख रुपये तक के इनकम पर 25 फीसदी और 24 लाख रुपये से ज्यादा आय पर 30 फीसदी टैक्स देना होगा. टैक्स स्लैब में इस बदलाव के चलते 8 लाख से लेकर 25 लाख रुपये तक के इनकम वालों को 30000 से लेकर 1,10,000 रुपये तक की टैक्स की बचत होगी. साथ ही जिन टैक्सपेयर्स की इनकम सालाना 12 लाख रुपये है उन्हें 80000 रुपये की टैक्स की बचत होगी. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि यह बजट विकास की रफ्तार बढ़ाने, समग्र विकास करने, निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ाने, घरेलू संवेदनाओं को मजबूत करने और मध्यम वर्ग की खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने की कोशिशों का हिस्सा है। बजट 2025-26 विकास की रफ्तार बढ़ाने, समग्र विकास, निजी क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा देने के लिए, घरेलू संवेदनाओं को मजबूत करने के लिए, मध्यम वर्ग की खर्च करने की क्षमता को बढ़ाने के बिंदुओं पर आधारित है।
बजट में प्रस्तावित विकास उपाय, गरीब, युवा, अन्नदाता और नारी को ध्यान में रखते हुए 10 क्षेत्रों को कवर किया गया है। इनमें कृषि विकास और उत्पादकता को गति देना, ग्रामीण संपन्नता और अनुकूलन निर्माण, समावेशी प्रगति के पथ पर सबको साथ लेकर चलने, भारत में विनिर्माण बढ़ाने और मेक इन इंडिया को आगे ले जाने, एमएसएमई को मदद देने, रोजगार और विकास को समर्थ बनाने, जनता-अर्थव्यवस्था और नवाचार में निवेश करने, ऊर्जा आपूर्तियां सुनिश्चित करने, निर्यात को बढ़ावा देने और नवाचार को पोषित करने पर फोकस किया जाएगा।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट में प्रधानमंत्री धनधान्य योजना शुरू करने का ऐलान किया. आज वित्त मंत्री ने बजट में किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 3 लाख रुपये से बढ़ाकर 5 लाख रुपये कर दी है. दलहन के उत्पादन को बढ़ाने के लिए सरकार के खास फोकस की बात वित्त मंत्री ने बजट भाषण में की है. कपास उत्पादन के लिए वित्त मंत्री ने कपास किसानों के लिए नए मिशन की शुरुआत करने का ऐलान किया है जिससे कपास किसानों को फायदा मिलेगा. इसके अलावा किसानों को उनके फसल पर नुकसान होने की सूरत में मुआवजा राशि में भी ज्यादा राहत देने पर ध्यान दिया जाएगा.
वित्त मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री धन-धान्य कृषि योजना के तहत ऐसे 100 जिलों को चुना जाएगा, जहां पर कृषि उत्पादकता कम है। इससे वहां पर उत्पादकता बढ़ाने, खेती में विविधता लाने, सिंचाई और उपज के बाद भंडारण की क्षमता मजबूत करने में मदद मिलेगी। इस योजना से 1.7 करोड़ किसानों को लाभ होगा। इसके दायरे में सभी तरह के किसान आएंगे। कृषि के अच्छे तरीकों को अपनाने पर जोर दिया जाएगा। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में पर्याप्त अवसर पैदा करेगी ताकि पलायन एक विकल्प बन जाए, जरूरत नहीं।
देश के 7.7 करोड़ किसानों को किसान क्रेडिट कार्ड की सुविधा दी जाएगी। इनमें मछुआरे और डेयरी किसान भी शामिल होंगे। ऋण की सीमा को भी 3 लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये किया जाएगा।
टीडीएस की सीमा में बदलाव किए जाएंगे ताकि इसमें एकरूपता लाई जा सके। वरिष्ठ नागरिकों के लिए टीडीएस में छूट की सीमा को 50 हजार से बढ़ाकर एक लाख रुपये किया जाएगा। किराए से होने वाली आमदनी पर टीडीएस में छूट की सीमा को बढ़ाकर छह लाख रुपये किया जाएगा।
नॉन-पैन मामलों में उच्च टीडीएस के प्रावधान लागू रहेंगे। अपडेटेड रिटर्न दाखिल करने की सीमा को दो साल से बढ़ाकर चार साल किया जा रहा है।
क्या हुआ महंगा?
स्मार्ट मीटर, सोलर सेल, आयातित जूते, आयातित मोमबत्तियां, आयातित नौकाएं और अन्य जहाज, पीवीसी फ्लेक्स फिल्में, पीवीसी फ्लेक्स शीट, पीवीसी फ्लेक्स बैनर, कुछ आयातित बुने हुए कपड़े, इंटरैक्टिव फ्लैट पैनल डिस्प्ले जो पूरी तरह से निर्मित इकाइयों के रूप में आयात किए जाते हैं.
वहीं, फ्लैट पैनल डिस्प्ले, टीवी डिस्प्ले और फैबरिक खरीदना महंगा होगा. वित्त मंत्री ने आइटम कोड- 7113 के लिए सीमा शुल्क कम कर दिया है. यह आइटम कोड आभूषण और उसके पार्ट्स को लेकर हैं. वर्तमान में इन चीजों पर सीमा शुल्क 25% है. अब बजट में इसे घटाकर 20% कर दिया गया है. प्लेटिनम फाइंडिंग्स पर सीमा शुल्क पहले के 25% से घटाकर 5% कर दिया गया है.
इन चीजों के कम हुए दाम
स्मार्टफोन और लैपटॉप होंगे सस्ते- बजट के बाद मोबाइल फोन, एलईडी, एलसीडी टीवी सस्ते हो गए हैं. मोबाइल और लैपटॉप इंडस्ट्री ने सरकार से इम्पोर्ट ड्यूटी कम करने की मांग की थी.
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा, "बजट में किसानों के लिए जो घोषणा हुई है वो कृषि क्षेत्र और समूची ग्रामीण अर्थव्यवस्था में नई क्रांति का आधार बनेगी। पीएम धन धान्य कृषि योजना के तहत 100 जिलों में सिंचाई और आधारभूत संरचना का विकास होगा। किसान क्रेडिट कार्ड की लिमिट 5 लाख तक होने से उन्हें ज्यादा मदद मिलेगी।"
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