गैरसैंण/देहरादून, खबर न्यू  इंडिया (न्यूज़ डेस्क): गैरसैंण के भराड़ीसैंण में 19 अगस्त से शुरू हुआ विधानसभा का मॉनसून सत्र दूसरे दिन 20 अगस्त को ही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया है. उत्तराखंड विधानसभा का मानसून सत्र पहले दिन हंगामे की भेंट चढ़ गया. मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने विधानसभा सत्र में विपक्ष के हंगामे को दुर्भाग्यपूर्ण करार दिया. उन्होंने कहा कि मानसून और आपदा की कठिन परिस्थितियों में भी सरकार गैरसैंण जैसी संभावनाओं और भावनाओं के केंद्र में सदन लेकर आई, ताकि जनता के मुद्दों पर गंभीर बहस हो सके. मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विपक्ष कानून व्यवस्था के मामले पर चर्चा की बात करता है, लेकिन आज सदन के भीतर खुद ही विपक्ष ने कानून-व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दी. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने आज सदन के अंदर अराजक माहौल पैदा किया और लोकतांत्रिक मर्यादाओं की धज्जियां उड़ाईं. पहले दिन विपक्षी विधायकों ने पंचायत चुनाव में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर नियम 310 के तहत चर्चा की मांग कर जमकर हंगामा किया। विपक्ष की नारेबाजी व शोरगुल के बीच प्रश्न काल नहीं चल पाया। वेल में आकर विपक्षी विधायकों ने नारेबाजी कर कार्यसूची फाड़ कर पर्चे उड़ा दिए। गुस्साए विपक्ष ने विधानसभा सचिव की मेज पलटकर माइक तोड़ दिया।

मंगलवार को विधानसभा का मानसून सत्र सुबह 11 बजे वंदेमातरम के साथ शुरू हुआ। नेता सदन पुष्कर सिंह धामी सदन में मौजूद थे। सदन की कार्यवाही शुरू होते ही नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य व कांग्रेस विधायक प्रीतम सिंह ने नियम-310 के तहत पंचायत चुनाव में कानून व्यवस्था के मुद्दे पर चर्चा की मांग की। संसदीय कार्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा, नैनीताल जिला पंचायत चुनाव का मामला न्यायालय में विचाराधीन होने के चलते सदन में चर्चा नहीं की जा सकती है। इस पर कांग्रेस विधायक वेल में आकर नारेबाजी करने लगे। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने विपक्षी विधायकों से प्रश्नकाल चलने देने का आग्रह किया लेकिन वह नहीं माने। विपक्ष की नारेबाजी व शोरगुल से विधानसभा अध्यक्ष ने सदन की कार्यवाही 11.20 बजे तक के लिए स्थगित कर दी लेकिन कांग्रेस के विधायक वेल में बैठ गए। इसके बाद 10-10 मिनट के लिए चार बार सदन की कार्यवाही स्थगित की गई। विपक्ष के हंगामे से प्रश्न काल नहीं हो पाया। पहले दिन सदन की कार्यवाही स्थगित होने के बाद से जारी विपक्षी विधायकों का धरना रात भी चला. आज सुबह भी विपक्ष का धरना जारी रहा. सरकार की लाख कोशिशों के बावजूद भी विपक्ष नहीं माना 

सदन में सदस्यों को अपनी बात को रखने का तरीका समझना चाहिए। तोड़फोड़ करना किसी भी तरह से उचित नहीं है। मेरा मानना है कि सदस्य अपनी बात रखें लेकिन सदन की गरिमा का ध्यान रखा जाना चाहिए। विपक्ष जिस मुद्दे को 310 में लेकर आया, वह न्यायालय में विचाराधीन है जिससे उसे नियम 58 में स्वीकार नहीं किया गया।
-ऋतु खंडूड़ी भूषण, विधानसभा अध्यक्ष

सदन में विपक्ष ने कानून व्यवस्था की धज्जियां उड़ा दीं। विपक्ष कानून व्यवस्था पर चर्चा करने की बात कर रहा था लेकिन उसने खुद ही कानून तोड़ दिया। आज सदन में जो भी हुआ वह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। सदन में जनता के मुद्दों पर बात होनी चाहिए। हम सदन चलाना चाहते थे। प्रदेश के लोगों ने पहली बार यह कृत्य देखा।
- पुष्कर सिंह धामी, मुख्यमंत्री

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