दिल्ली ब्लास्ट मामले में तुर्की कनेक्शन के भी संकेत!
खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : दिल्ली ब्लास्ट मामले में हर रोज नए नए खुलासे हो रहे हैं, दिल्ली में 10 नवंबर की शाम हुए इस धमाके में 12 लोगों की मौत हुई थी और 20 से अधिक घायल हुए थे. अब केंद्र सरकार ने इस विस्फोट को 'आतंकी घटना' घोषित कर दिया है. वही दिल्ली ब्लास्ट मामले में तार पाकिस्तान के साथ तुर्की से भी जुड़ रहे हैं. कार ब्लास्ट करने वाला उमर का तुर्की कनेक्शन मिला है. जांच एजेंसियों की मानें तो तुर्की के अंकारा में बैठे अपने हैंडलर से उमर लगातार संपर्क में था. उसके हैंडलर का कोडनेम UKASA था. उकासा से उमर सेशन ऐप के जरिए लगातार संपर्क में था.
फरीदाबाद से पकड़े गए डॉक्टरों के मोबाइल फोन की जांच में पुलिस को टेलीग्राम चैट्स में पाकिस्तान स्थित जैश-ए-मोहम्मद हैंडलर्स से बातचीत के प्रमाण मिले हैं. जम्मू-कश्मीर पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी उच्च शिक्षित और कट्टर विचारधारा से प्रभावित हैं. एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार-'डिजिटल डिवाइस की शुरुआती जांच में पाया गया कि आरोपी सीधे जैश हैंडलर्स से टेलीग्राम पर संपर्क में थे.' जांच एजेंसियां अब यह पता लगाने में जुटी हैं कि विस्फोट की असली योजना किसने बनाई, और क्या इस नेटवर्क का कोई अंतरराष्ट्रीय कनेक्शन भी है. अधिकारियों का कहना है कि आने वाले दिनों में और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं. NIA इस मामले में तुर्की के दूतावास से सहयोग मांग सकती है. वहीं जांच का दूसरा सिरा अल फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा हुआ है. फरीदाबाद टेरर मॉड्यूल मामले की जांच कर रही जांच एजेंसियों ने अल फलाह यूनिवर्सिटी से कई तरह के दस्तावेज मांगे हैं. जांच एजेंसियों ने यूनिवर्सिटी से डॉक्टर उमर, डॉक्टर मुजम्मिल और डॉक्टर शाहीन शाहिदा से जुड़े हुए सभी दस्तावेज मांगे हैं.
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