सर्वजातीय सर्वखाप पंचायत द्वारा सर्वसम्मति से कई अहम प्रस्ताव पारित
मुज़फ्फरनगर/ खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर स्थित ऐतिहासिक सर्वखाप मुख्यालय सोरम (शौरौं) में आयोजित तीन दिवसीय 16-17-18 नवम्बर 2025 में सभी खाप चौधरियों व सामाजिक पृष्ठभूमि से जुड़े महानुभावों के विचारों के बाद उनके संयुक्त सुझावों से यह प्रस्ताव समाजहित में पारित व अपील के रूप में जारी किये जाते हैं-
1. मृत्युमोज- मृत्युभोज सामाजिक रूप से अतिनिंदनीय है, उसे उचित नहीं ठहराया जा सकता है। पंचायत समाज से अपील करती है कि इस कुरीति को बन्द किया जाए। हवन का आयोजन कर शोक सभा के बाद इसका समापन कर दिया जाए।
2. दहेज प्रथा- दहेज प्रथा समाज को प्रतिदिन कमजोर कर रही है। पंचायत समाज से अपील करती है कि दहेज न लेने वाले बने साथ ही शादी में दिखाया न किया जाए दहेज की प्रतिस्पर्धा से बचें। शादी का आयोजन दिन में ही किया जाए। इसे पारिवारिक आयोजन तक ही सीमित रखा जाए। शादी से पहले होने वाली अंगूठी की रस्म को छोटा किया जाए, उसे पाँच आदमियों तक ही सीमित किया जाए।
3. नशामुक्ति नशे की वजह से देश में लाखों परिवार बर्बाद हो चुके हैं। नशा एक सामाजिक कुरीति है, इसे बिना सामाजिक सहयोग के समाप्त करना कठिन है। पचायत समाज से व खाप चौधरियों से अपील करती है कि अपने यहाँ नशामुक्ति के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।
4. भ्रूणहत्या- कन्या भ्रूणहत्या की वजह से लैंगिक अनुपात बिगड़ गया है। पिछले 30 वर्षों में यह प्रवृति बहुत बढ़ गयी है। पहले तो अजन्में बच्चे की हत्या करने का अपराध करते हैं फिर लडकों की शादी के लिए समस्या उत्पन्न होती है। पंचायत समाज से अपील करती है कि इस सामाजिक कुरीति को समाप्त करने के लिए जागरूकता अभियान चलाया जाए।
5. लिव इन रिलेशनशिप व समलैंगिकता- लिव इन रिलेशनशिप व समलैंगिक विवाह एक सामाजिक अभिशाप है। यह भारतीय संस्कृति के अनुरूप नहीं है। इस कुरीति का पंचायत पूर्णत विरोध करती है तथा सरकार से माग करती है कि इन दोनों कानूनों को समाप्त करके पूर्णत प्रतिबन्धित किया जाए।
6. प्रेम विवाह- कोई भी प्रेम विवाह माता-पिता की सहमति के बिना नहीं होना चाहिए। पंचायत सरकार से मांग करती है कि हिन्दू विवाह अधिनियम में परिवर्तन करके प्रेम विवाह के केस में माता-पिता की सहमति को अनिवार्य कर दिया जाए।
7. शिक्षा- समाज में शिक्षा को बढ़ावा दिया जाए। बालिका शिक्षा पर विशेष रूप से ध्यान दिया जाए। पंचायत समाज से अपील करती है कि सभी अपने परिवार व बच्चों को समय दें, जिससे बच्चे संस्कारवान बनें।
8. पर्यावरण- पंचायत खापों से अपील करती है कि खापें अपने-अपने क्षेत्र में पर्यावरण को संरक्षित करने हेतु बच्चों के जन्मदिवस एवं अपने पूर्वजों की याद में वृक्षारोपण करें व दिन-प्रतिदिन गिरते हुए भू-जलस्तर को रोकने के लिए जल का सदुपयोग किया जाए व जल संरक्षण को बढ़ावा दिया जाए, जिससे जल जंगल जमीन को बचाया जा सके।
9. गौवंश संरक्षण व संवर्धन- सामाजिक व ग्रामीण परिवेश को संरक्षित करने के लिए पंचायत प्रस्ताव पारित करती है कि गौवंश संरक्षण व संवर्धन को बढ़ावा दिया जाए।
10. युवाओं और महिलाओं की भागीदारी- पचायत खाप चौधरियों से अपील करती है कि खाप पंचायतों में युवाओं और महिलाओं की भागीदारी को बढ़ाने हेतु सार्थक प्रयास किए जाए।
11. सर्वखाप पंचायत आयोजन- पंचायत सर्वसम्मति से यह प्रस्ताव पारित करती है कि ऐतिहासिक सर्वजातीय सर्वखाप पंचायत को प्रत्येक 10 वर्षों में सर्वखाप पंचायत मुख्यालय सोरम (शौरौं), शाहपुर मुजफ्फरनगर में आयोजित किया जाए।
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