खबर न्यू  इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : भारत के साथ ही दुनियाभर में जोरदार आतिशबाजी के साथ 2026 का स्वागत किया गया, 46वीं ईसा पूर्व जूलियस सीजर ने जूलियन कैलेंडर लागू किया था. इस कैलेंडर के तहत साल की लंबाई तय की गई थी. लीप ईयर की व्यवस्था भी लागू की गई. साथ ही 1 जनवरी को न्यूर ईयर का दिवस का घोषित किया गया. इसी के साथ सदियों पहले 1 जनवरी से नया साल मनाने की परंपरा शुरू हुई.
नए साल के पहले दिन देशभर के प्रसिद्ध मंदिरों में श्रद्धालुओं का हुजूम उमड़ पड़ा। ओडिशा के पुरी में स्थित जगन्नाथ मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालुओं ने नए साल के पहले दिन भगवान जगन्नाथ के दर्शन किए। भारत में नए साल का स्वागत करने के लिए दिल्ली के कनॉट प्लेस, मुंबई के मरीन ड्राइव और गोवा के तटों पर भारी भीड़ उमड़ी, जहाँ लोगों ने रात 12 बजते ही शानदार आतिशबाजी और संगीत के बीच एक-दूसरे को बधाई दी। 
राष्ट्रपति और प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया और आधिकारिक संदेशों के माध्यम से देशवासियों को बधाई दी। प्रधानमंत्री ने विकसित भारत के संकल्प को दोहराते हुए आशा व्यक्त की कि 2026 का वर्ष देश की प्रगति और स्वास्थ्य के लिए मील का पत्थर साबित होगा। विपक्ष के नेताओं ने भी जनता को बधाई देते हुए समाज में सद्भाव, एकता और न्याय की भावना के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया।राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने स्थानीय स्तर पर लोक कल्याणकारी योजनाओं की प्रगति और खुशहाली की कामना करते हुए जनता से नए उत्साह के साथ काम करने का आह्वान किया।

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