देहरादून, खबर न्यू  इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : देहरादून में त्रिपुरा के एक छात्र एंजेल चकमा (24) की उपचार के बाद मौत हो गई हैं। शराब के नशे में धुत युवकों द्वारा की गई इस हिंसक वारदात में एमबीए छात्र एंजेल चकमा गंभीर रूप से घायल हुआ था. 9 दिसंबर 2025 को हुई घटना के बाद वह 17 दिनों तक आईसीयू में जिंदगी और मौत से जूझता रहा, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई.  पुलिस ने भाई की शिकायत पर प्राथमिकी दर्ज की थी। 14 दिसंबर को छात्रों पर हमला करने के आरोपी सहसपुर के शंकरपुर निवासी अविनाश नेगी, प्रेमनगर थाना क्षेत्र के धूलकोट निवासी शौर्य राजपूत, पटेलनगर थाना क्षेत्र के नया गांव पेलियो निवासी सूरज खवास (स्थायी निवासी मणिपुर), तिलवाड़ी निवासी सुमित और बायांखाला निवासी आयुष बडोनी को क्षेत्र से गिरफ्तार किया गया था।
यह पूरी घटना 9 दिसंबर 2025 की शाम करीब 6 से 7 बजे के बीच देहरादून के सेलाकुई इलाके में हुई. एंजेल चकमा, जो जिज्ञासा यूनिवर्सिटी में एमबीए फाइनल ईयर का छात्र था, अपने छोटे भाई माइकल चकमा के साथ खरीदारी के लिए निकला था. इसी दौरान कुछ युवक वहां पहुंचे और उनके रंग-रूप को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणियां करने लगे. आरोप है कि हमलावरों ने नेपाली, चाइनीज, चिंकी और मोमोज जैसे नस्लीय शब्दों का इस्तेमाल किया. एंजेल के भाई माइकल चकमा ने पुलिस को दिए लिखित बयान में बताया कि आरोपी शराब के नशे में थे. नस्लीय गालियों का विरोध करने पर उन्होंने पहले दोनों भाइयों के साथ मारपीट शुरू की. माइकल के सिर पर कड़े से वार किया गया, जिससे वह घायल हो गया. इसके बाद आरोपियों ने एंजेल पर चाकुओं से हमला कर दिया. एंजेल की गर्दन और पेट में कई बार चाकू घोंपा गया। 

#crimenews#indianews #Dehradunnews #Uttarakhandnews,