खबर न्यू  इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : उत्तरप्रदेश के मेरठ जिले के कपसाड़ गांव में बृहस्पतिवार को अनुसूचित जाति की महिला सुनीता की हत्या कर उनकी बेटी रूबी का अपहरण किया गया था। पारस सोम इस मामले का मुख्य आरोपी है। इस वारदात ने इलाके में तनाव फैला दिया था। पुलिस की लगातार दबिश के बाद शनिवार देर शाम पारस को रुड़की रेलवे स्टेशन से गिरफ्तार किया गया और युवती को सकुशल तलाश लिया गया था। रविवार को रूबी का महिला जिला अस्पताल में मेडिकल चेकअप कराया गया। दोपहर बाद सरधना और महिला थाने की पुलिस उसे लेकर सीजेएम-द्वितीय नम्रता सिंह की कोर्ट पहुंची, जहां उसके बयान दर्ज हुए। इसके बाद उसे वन-स्टॉप सेंटर (आशा ज्योति केंद्र) भेजा गया। रूबी ने पारस के खिलाफ बयान दर्ज कराते हुए कहा कि उसे जबरन अगवा किया गया और उसकी मां की हत्या के बाद उसे भी जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस प्रशासन ने सुरक्षा और संवेदनशीलता को देखते हुए रूबी के बयान बेहद गोपनीय तरीके से कोर्ट में कराए। स्पेशल सीजेएम कोर्ट के सामने सीओ सिविल लाइन अभिषेक तिवारी और आशुतोष कुमार के साथ भारी फोर्स तैनात थी।  
वही पारस ने खुद को निर्दोष बताते हुए दावा किया कि रूबी अपनी मर्जी से उसके साथ गई थी और उनका रिश्ता दो साल से है। कोर्ट ने पारस का हत्या और अपहरण में रिमांड मंजूर करते हुए उसे 14 दिन की न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया। मीडिया के कैमरों और पुलिस की मौजूदगी में उसने सिर्फ इतना ही कहा-मैंने किसी को नहीं मारा... मुझे बचा लीजिए। हालांकि इससे पहले मीडिया ने उससे कई सवाल किए जिन पर वह खामोश रहा, लेकिन अंत में उसने खुद को बेगुनाह बताते हुए बचाव की गुहार लगाई। 

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