लखनऊ/खबर न्यू  इंडिया (न्यूज़ डेस्क): उत्तरप्रदेश के रामपुर की जौहर यूनिवर्सिटी के अवैध तरीके से बनाए गए 38 भवनों के ध्वस्तीकरण के आदेश जारी कर दिये गए हैं. जिसे लेकर जहां एक तरफ प्रदेश की सियासत गरमा गई है तो वहीं दूसरी तरफ़ इस यूनिवर्सिटी के छात्रों के भविष्य को लेकर भी चिंता बढ़ गई हैं. यह पूरा मामला लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में हुए हादसे के बाद रामपुर फायर विभाग द्वारा किए गए सेफ्टी ऑडिट के दौरान खुला。जांच में पाया गया कि विश्वविद्यालय के अधिकतर भवनों का निर्माण बिना नक्शा पास कराए ही किया गया है。इसके बाद रामपुर विकास प्राधिकरण ने नियमों के तहत इन्हें गिराने के निर्देश दिए हैं
रामपुर के डीएम ने इसकी जानकारी देते हुए बताया है कि जौहर यूनिवर्सिटी के 38 भवन गिराए जाने के आदेश के बाद सैकड़ों छात्रों की आगे की पढ़ाई और भविष्य को लेकर सवाल उठ रहे हैं, जिसे देखते हुए प्रशासन ने ये फैसला लिया हैं. इसके तहत जौहर यूनिवर्सिटी में प्रथम वर्ष के छात्र अब गुरु जंभेश्वर यूनिवर्सिटी (जीजेयू) में दाखिला ले सकेंगे. इसके लिए 20 जुलाई से विशेष रूप से एडमिशन के लिए रजिस्ट्रेशन खोला जाएगा. 
वही रामपुर विकास प्राधिकरण (आरडीए) के आदेश में कहा गया है कि विश्वविद्यालय ने स्वयं स्वीकार किया है कि दो भवनों के निर्माण के लिए जिला पंचायत से अनुमति ली गई थी। इससे स्पष्ट होता है कि प्रबंधन निर्माण कार्य के लिए सक्षम प्राधिकारी से स्वीकृति लेने की अनिवार्यता से पूरी तरह परिचित था। इसके बावजूद शेष 38 भवन बिना किसी स्वीकृति के निर्मित कर दिए गए। जौहर विश्वविद्यालय परिसर में बिना अनुमोदन निर्मित 38 भवनों के संबंध में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई कभी भी की जा सकती है। प्राधिकरण का मानना है कि निर्माण संबंधी नियमों की अनदेखी किसी भी संस्था को विशेष अधिकार नहीं देती और सभी को समान रूप से कानून का पालन करना होगा।

जौहर विवि एक निजी विश्वविद्यालय है जो रामपुर में मोहम्मद अली जौहर ट्रस्ट की ओर से संचालित होता है। इसे विश्वविद्यालय अनुदान आयोग से मान्यता प्राप्त है। 2006 में विश्वविद्यालय की स्थापना की गई थी। इसके चांसलर सपा नेता आजम खां हैं। कुल तीन सौ हेक्टेयर में है विश्वविद्यालय स्थापित हैं। 

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