देहरादून, खबर न्यू  इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : मंगलवार दिनांक 17 मार्च को जौनसार बावर एवं सिरमौर क्षेत्र के वीर योद्धा नन्तराम नेगी 'गुलदार' पर डॉ. पदम सिंह नेगी द्वारा लिखित पुस्तक का लोकार्पण विकास नगर स्थित जौनसारी भवन में समारोह के साथ किया गया। सिरमौर रियासत के उत्तराधिकारी अजय बहादुर सिंह सहित अन्य प्रमुख अतिथियों ने इस अवसर पर पुस्तक का लोकार्पण किया।कार्यक्रम की शुरुआत में अजय बहादुर सिंह ने संबोधन देते हुए कहा कि जौनसार बावर ने अनेक वीर योद्धाओं को जन्म दिया, लेकिन इतिहास की कमी के कारण उनके योगदान को लिपिबद्ध नहीं किया जा सका। उन्होंने नन्तराम नेगी के योगदान को सर्वोच्च बताते हुए कहा, "मैं उनकेआगे नतमस्तक हूं। जिस प्रकार देश में महात्मा गांधी का सम्मान किया जाता है, उसी प्रकार सिरमौर रियासत में न नन्तराम नेगी का सम्मान रहा। "अजय बहादुर सिंह ने सिरमौर रियासत की कालसी में लंबे समय तक राजधानी रहने का उल्लेख किया तथा इतिहास के अनछुए पहलुओं को उजागर किया।

उन्होंने कहा कि नन्तराम नेगी का योगदान अनुकरणीय है, जिन्होंने आक्रांताओं को रोकने का प्रयास किया और उनके सरदार का सिर कलम कर दिया। उन्होंने कटासन मंदिर का उदाहरण देकर कहा है कि आज भी हम कटासन मंदिर पर माथा टेकते एकते हैं यह वही स्थान है जहां अंतराम नेगी ने दुश्मनों पर विजय पाई थी। सेवानिवृत्त आईआरएस रतन सिंह रावत ने जौनसार बावर, सिरमौर रियासत तथा नन्तराम नेगी की ऐतिहासिक वीर गाथा पर विस्तृत जानकारी दी। पूर्व आईएफएस प्रताप सिंह पंवार ने कहा कि नन्तराम नेगी सच्चे वीर योद्धा हैं और युवाओं को उनके इतिहास से परिचित होना चाहिए। उन्होंने बताया कि सेवा प्रकल्प संस्थान द्वारा साहिया में उनकी प्रतिमा स्थापित की गई ताकि देश-दुनिया उनके कार्यों से अवगत हो सके। कैप्टन मेंहर सिंह चौहान ने भी सम्बोधित किया। पुस्तक के लेखक डॉ. प्रेम सिंह नेगी ने कहा कि यह पुस्तक नन्तराम नेगी की जीवन गाथा को आम जनमानस तक पहुंचाने में सहायक होगी। उस कालखंड में सिरमौर रियासत से हुए हुए पत्राचार और अन्य ऐतिहासिक जानकारियां समाहित हैं।

पुस्तक विमोचन समारोह वीर नन्तराम नेगी 'गुलदार' समारोह में वरिष्ठ साहित्यकार टीकाराम शाह, श्रीचंद शर्मा, भारत चौहान, सुल्तान सिंह राय, सेवानिवृत्त आईएफएस जसवीर सिंह चौहान, गंभीर सिंह चौहान, धूम सिंह नेगी, जगमोहन चौहान, जौनसार बावर जनजाति कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रभु सिंह तोमर, सरला राय, अभिजीत सिंह नेगी, लेखराज तोमर, सुरेंद्र सिंह नेगी, गीता पदम सिंह नेगी, जगत सिंह नेगी आदि सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम का संचालन वर्तिका रावत नेगी ने किया। दंत कथाओं में सुनी कहानी को पहली बार लिपिबद्ध किया गया । आने वाली नस्लों को विरासत में एक नयी प्रेरणा से नयी ऊर्जा मिलेगी । ऐसा हम विश्वास करते हैं ।

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