यूक्रेन-रूस जंग विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था के लिए तबाही का खतरा !
(न्यूज़ डेस्क) : यूक्रेन पर रूस हमले के डेढ़ महीने से अधिक समय बीत जाने के बावजूद युद्ध थमने का नाम नहीं ले रहा हैं, यूक्रेन पर रूस के हमले के बाद शुरू हुए युद्ध ने अनेक विकासशील देशों की अर्थव्यवस्था के लिए तबाही का खतरा पैदा कर दिया है. ये देश पहले ही खाद्यान्न और ईंधन की बढ़ती कीमतों का सामना कर रहे हैं साथ ही जटिल आर्थिक हालात से जूझ रहा हैं. इस बीच संयुक्त राष्ट्र महासचिव एंटोनियो गुटेरेस ने एक रिपोर्ट जारी की और कहा कि युद्ध गरीब देशों में भोजन, ईंधन तथा आर्थिक संकट को और गहरा कर रहा है. ये देश पहले से ही महामारी, जलवायु परिवर्तन और आर्थिक सुधार के लिए धन की कमी से निपटने में संघर्ष कर रहा है. इन 50 दिनों से चल रहे युद्ध में जहां एक तरफ यूक्रेन के लगभग सभी बड़े शहर बर्बाद हो गए हैं वहीं रूस को दुनिया के कई देशों की नाराजगी का सामना करना पड़ा. पश्चिम के कईं देशों ने रूस पर प्रतिबंध लगाए जिसकी वजह से रूस की आर्थिक स्थिति खराब हो गई है. दूसरी तरफ बीते 50 दिनों में यूक्रेन को कई बड़े देशों का सहारा मिला है. पश्चिमी सीमा के जरिए यूक्रेन में हथियारों का बड़ा जखीरा पहुंचा. तो कई देशों के राष्ट्राध्यक्ष खुद यूक्रेन की जमीन पर पहुंच गए. इनमें सबसे बडा़ नाम ब्रिटेन के पीएम बोरस जॉनसन का रहा. बोरिस जॉनसन ने राष्ट्रपति जेलेंस्की से मिलकर यूक्रेन की मदद के नए पैकेज का ऐलान कर दिया है.







