खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): राष्ट्रपति चुनाव के लिए भारतीय जनता पार्टी ने एनडीए की तरफ से उम्मीदवार की घोषणा कर दी है. पार्टी ने सबको चौंकाते हुए ओड़िशा की आदिवासी महिला नेत्री और झारखण्ड की पूर्व राज्यपाल द्रौपदी मुर्मू पर दांव खेला है. वहीं, राष्ट्रपति चुनाव को लेकर विपक्षी ने उम्मीदवार के तौर पर यशवंत सिन्हा के नाम का एलान किया. सिन्हा दो बार केंद्रीय वित्त मंत्री रह चुके है. पहली बार वह 1990 में चंद्रशेखर की सरकार में और फिर अटल बिहारी वाजपेयी नीत सरकार में वित्त मंत्री थे. वह वाजपेयी सरकार में विदेश मंत्री भी रहे हैं. इस वक्त संख्या के अनुसार, एनडीए के पास कुल मिलाकर लगभग 5.26 लाख वोट हैं जो कुल वोट का लगभग 49 प्रतिशत है. इसका मतलब है कि एनडीए को अपने उम्मीदवार को राष्ट्रपति पद के लिए चुने जाने के लिए एक प्रतिशत अधिक वोट चाहिए. ऐसा करने के लिए, एनडीए को इन पार्टियों में से एक की जरूरत है. वहीं, इलेक्टोरल कॉलेज में नवीन पटनायक के नेतृत्व वाली बीजद के पास 31,000 से अधिक वोट हैं जबकि वाईएसआर कांग्रेस के पास 45,550 वोट हैं. द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार बनाना एनडीए का मास्टरस्ट्रोक बताया जा रहा है. दरअसल,  NDA ने उन्हें प्रत्याशी बनाकर एक तीर से कई निशानों को साधा है. अगर द्रौपदी मुर्मू चुनी जाती हैं तो वो भारत के इतिहास में पहली आदिवासी राष्ट्रपति होंगी. साथ ही अगर वो चुनाव जीतती हैं तो प्रतिभा पाटिल के बाद देश की दूसरी महिला राष्ट्रपति बनेंगी. अगर वो जीतती हैं तो ओडिशा राज्य से आने वाली पहली राष्ट्रपति होंगी.