देहरादून, खबर न्यू इंडिया (स्पोर्ट्स डेस्क) : उत्तराखंड प्रदेश के जाने माने समाजसेवी और पद्मश्री से सम्मानित अवधेश कौशल का आज सुबह राजधानी के एक निजी अस्पताल में निधन हो गया, वह 87 वर्ष के थे। दिवंगत कौशल की पुत्रवधु रूचि कौशल ने बताया कि वह लंबे समय से बीमार थे और सोमवार से उनके अंगों ने काम करना बंद कर दिया था, उन्होंने तड़के पांच बजे अंतिम सांस ली। वहीं सीएम पुष्कर सिंह धामी ने उनके निधन पर शोक व्यक्त किया है. 

गैर सरकारी संगठन ‘रूरल लिटिगेशन एंड एनलाइटनमेंट केंद्र' (रूलक) के संस्थापक कौशल ने मानवाधिकारों और पर्यावरण के लिए जीवन भर काम किया। कौशल को अस्सी के दशक में मसूरी में खनन पर रोक लगवाने का श्रेय जाता है, इससे वहां पर्यावरण को हो रही क्षति पर लगाम लगी । उन्हें घुमंतू जनजाति गुज्जरों का मसीहा भी माना जाता है। जिन्होंने उनके अधिकारों के लिए एक लंबी प्रशासनिक और कानूनी लड़ाई लड़ी।