खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : केंद्रीय गृह मंत्रालय ने पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया यानी PFI और उससे जुड़े 8 संगठनों पर 5 साल के लिए बैन लगा दिया है. गृह मंत्री अमित शाह ने पीएफआई के देशव्यापी नेटवर्क को ध्वस्त करने को लेकर एक्शन प्लान बनाने और टेरर फंडिंग पर शिकंजा कसने के लिए एजेंसियों को निर्देश दिए थे. एक सरकारी अधिसूचना में कहा गया है कि पीएफआई और उसके सहयोगी संगठनों या मोर्चों को गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) के तहत तत्काल प्रभाव से "गैरकानूनी संघ" घोषित किया गया है. बता दें कि राष्ट्रीय जांच एजेंसी और प्रवर्तन निदेशालय के अलावा दूसरी एजेंसियों ने 22 सितंबर को 15 राज्यों में पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया (PFI) के ठिकानों पर छापेमारी की थी, जिसमें पीएफआई और उससे जुड़े संगठनों के खिलाफ सबूत मिले थे. इसके बाद केंद्रीय एजेंसियों ने 9 राज्यों में भी पीएफआई के ठिकानों पर ताबड़तोड़ रेड डाली. पहले राउंड की छापेमारी में 106 और दूसरे राउंड की छापेमारी में पीएफआई से जुड़े लोग 247 गिरफ्तार/हिरासत में लिए गए. बताया जा रहा है कि छापेमारी के बाद केंद्रीय जांच एजेंसियों को PFI के खिलाफ पुख्ता सबूत मिले थे, जिसके बाद गृह मंत्रालय ने पीएफआई और उससे जुड़े 8 संगठनों पर देशभर में पाबंदी लगा दी है.केंद्र सरकार ने अपने नोटिफिकेशन में कहा है कि वैश्विक आतंकी संगठनों के साथ संबंध और कई आतंकी मामलों में शामिल होने के लिए पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया पर प्रतिबंध लगाया गया है. जानकारी के मुताबिक, गृह मंत्रालय ने पीएफआई को 5 साल के लिए प्रतिबंधित संगठन घोषित किया है. पीएफआई के अलावा उसके 8 सहयोगी संगठनों पर भी कार्रवाई की गई है. गृह मंत्रालय द्वारा जारी नोटिफिकेशन में कहा गया है कि सरकार यूएपीए की धारा 3(1) के तहत शक्तियों का प्रयोग करते हुए पीएफआई और उसके सहयोगियों या सहयोगियों या मोर्चो को गैरकानूनी संघ घोषित करती है.

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