मुज़फ्फरनगर,खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): भारतीय किसान यूनियन का मुज़फ्फरनगर के जीआईसी मैदान में आंदोलन छठे दिन भी जारी रहा, भाकियू का कहना है कि एमएसपी पर गारंटी कानून की लड़ाई जारी रहेगी। जीआईसी से ही अब किसानों के मुद्दों पर संघर्ष किया जाएगा। इस मोर्चे को पक्का बनाया जाएगा। किसान अपनी आवाज यहीं से बुलंद करेंगे। धरनास्थल से भाकियू प्रवक्ता राकेश टिकैत ने प्रदेश सरकार पर किसानों के साथ वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों को वादे के मुताबिक न गन्ने का भुगतान मिल रहा और न ही एमएसपी पर खरीद हो रही। चौधरी टिकैत ने केंद्र और प्रदेश सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि समय रहते किसानों की मांगें नहीं मानी गई, तो यूपी ही नहीं हरियाणा और पंजाब का किसान भी मुजफ्फरनगर के लिए कूच कर सकता है। उन्होंने कहा कि उनकी एसकेएम के नेताओं से बातचीत भी हुई है और उन्होंने आंदोलन को हर तरह का सहयोग देने का आश्वासन दिया है।

किसानों की जमीन छीनने की साजिश : टिकैत
भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत ने कहा कि देश में बड़ा षड्यंत्र रचा जा रहा है। नए अधिग्रहण नियम के तहत किसानों की जमीन को छीनने के काम किया जा रहा है। देश को बचाने है तो आंदोलन ही करना होगा। आंदोलन नहीं होगा तो किसान की जमीन नहीं बचेगी। उन्होंने कहा कि सरकार कोई काम नहीं कर रही है। अधिकारियों पर दबाव बनाया जा रहा है। लखनऊ एयरपोर्ट की जमीन बिना मुआवजे के ही कब्जा ली गई। व्यापारी लगातार सडक़ के बराबर की खेती की जमीन को खरीद रहे है और दीवार खड़ी कर रहे है। उन्होंने आह्वान किया कि कोई भी किसान अपनी जमीन ना बेचें, क्योंकि इससे पहले बिहार का भी यही हाल हुआ है।
इन्होंने सबसे पहले बिहार को ही बर्बाद किया है। बिहार में वहीं तीन कानून लागू किए गए थे। आवारा पशुओं की समस्या का निदान करने की बजाए सरकार खेतों में दवाई छिडऩे की बात करती है। अगर खेतों में दवाई छिड़क दी गई तो सभी पशु मर जाएंगे। घर में पलने वाले पशुओं को भी जहरीली घास खानी पड़ेगी।

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