मुजफ़्फरनगर/देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारियों व शहीदों की अस्मिता से जुड़े मुजफ्फरनगर के रामपुर तिराहा गोलीकांड मामले में तत्कालीन थाना सिविल लाइन प्रभारी राधामोहन द्विवेदी सहित 22 पुलिसकर्मियों के विरुद्ध विशेष अदालत सीबीआई ने कोर्ट में पेश न होने पर गैर जमानती वारंट जारी किए हैं। विशेष सीबीआई अदालत एडीजे-7 शक्ति सिंह ने गैर जमानती वारंट जारी करते हुए आदेश दिया कि सभी 22 आरोपियों को आगामी 3 मार्च को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जाए। इससे पहले आरोपियों के वकील द्वारा दी गई हाजिरी माफी भी रद्द कर दी गई है। बता दें कि रामपुर तिराहाकांड में महिलाओं के साथ बलात्कार व महिलाओं पर अत्याचार आदि आरोप में सीबीआई ने बहुत से पुलिसकर्मियों के विरुद्ध मामला दर्ज कर आरोपपत्र कोर्ट में दाखिल किया था। कोर्ट में रामपुर तिराहा कांड के 4 मामले लंबित हैं। गत 2 अक्टूबर 1994 को मुजफ़्फरनगर के रामपुर तिराहा पर पृथक उत्तराखंड की मांग कर रहे आंदोलनकारियों पर पुलिस फायरिंग में 7 की मौत हो गई थी व कई घायल हुए थे।

ये है मामला

उत्तराखंड राज्य की मांग को लेकर उत्तराखंड के हजारों आंदोलनकारी पहली अक्टूबर, 1994 की रात को दिल्ली रवाना हो रहे थे। उप्र की मुजफ्फरनगर पुलिस ने रामपुर तिराहे पर राज्य आंदोलनकारियों को भारी पुलिस बल के साथ रोक लिया था। मुजफ्फरनगर पुलिस ने राज्य आंदोलनकारियों पर बर्बर ढंग से लाठीचार्ज किया और इस घटना में कुछ आंदोलनकारी शहीद हो गए थे, जबकि 250 से अधिक घायल हो गए थे और कई महिला आंदोलनकारियों की आबरू से खिलवाड़ किया गया था। इसी मामले में आज तक दोषियों को सजा नहीं हो सकी है।

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