देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क):  सोमवार से उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित भराड़ीसैंण में राज्यपाल ले.ज. गुरमीत सिंह (सेनि) के अभिभाषण के साथ विधानसभा के बजट सत्र का आगाज हो गया। इस दौरान सदन के बाहर और भीतर विपक्षी सदस्यों ने जमकर नारेबाजी और विरोध प्रदर्शन किया। राज्यपाल के पूरे भाषण के दौरान कांग्रेस विधायक नारेबाजी करते रहे। आखिर में राज्यपाल को विपक्षी सदस्यों से शांत रहने की अपील करनी पड़ी। इस पर विपक्षी सदस्य कुछ देर शांत हुए लेकिन उन्होंने फिर नारेबाजी शुरू कर दी। अभिभाषण समाप्त होने के बाद विपक्ष ने सदन से वाकआउट किया। दोपह बाद विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खंडूड़ी भूषण ने सदन में राज्यपाल के अभिभाषण का वाचन किया। इसके बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह तक स्थगित कर दी गई। 16 पन्नों के अभिभाषण में राज्यपाल ने धामी सरकार के भावी विकास का विजन रखा। उन्होंने कहा कि सरकार सशक्त उत्तराखंड के लिए काम कर रही है। पीएम नरेंद्र मोदी के विश्वास के अनुरूप 21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। आगामी पांच वर्षों में उत्तराखंड के सकल राज्य घरेलू उत्पाद (जीएसडीपी) को दोगुना किया जाएगा।

सोमवार को राज्यपाल का अभिभाषण शुरू होते ही मुख्य विपक्ष कांग्रेस के सभी सदस्यों ने सदन में नारेबाजी शुरू कर दी। कांग्रेस विधायक वनंतरा रिसार्ट प्रकरण, भर्ती प्रकरणों की सीबीआइ जांच समेत अन्य विषयों को लेकर सरकार के विरुद्ध नारेबाजी कर रहे थे। कुछ ही देर में कांग्रेस विधायक पीठ के सम्मुख आकर हंगामा करने लगे। वे हाथों में नारे लिखी तख्तियां लिए हुए थे। उन्होंने राज्यपाल वापस जाओ के नारे भी लगाए। सोमवार को सत्र शुरू होने से पहले कांग्रेसी विधायकों ने विधानसभा परिसर में धरना दिया। इस दौरान उन्‍होंने भर्ती घोटाले, महंगाई सहित अन्य मांगों को लेकर नारेबाजी की। इस दौरान मुख्‍यमंत्री पुष्‍कर सिंह धामी विधायकों के पास पहुंचे और बातचीत कर उन्‍हें सदन में जाने के लिए मनाया। 

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