लखनऊ/खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क):  यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को लखनऊ के लोकभवन में आयोजित कार्यक्रम में संचारी रोग नियंत्रण अभियान और स्कूल चलो अभियान का शुभारंभ किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी ने कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को पुस्तकें भी भेंट की। कार्यक्रम में निपुण आकलन में उत्तीर्ण होने वाले बच्चों को भी सम्मानित किया गया। मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में शिक्षक मैनुअल और कलेंडर का भी विमोचन किया। उनके साथ इस अवसर पर मुख्यमंत्री ब्रजेश पाठ मौजूद रहे।

सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि प्रदेश सरकार ने बीते चार वर्ष में स्कूल छोड़ चुके बच्चों को वापस स्कूल लाने का प्रयास किया है। इसके लिए स्कूल चलो अभियान चलाया जा रहा है। प्रदेश में एक करोड़ 92 लाख बच्चे स्कूलों में पढ़ रहे हैं। यह सफलता है। ड्रॉप आउट रेट कम हुआ है। पहले विद्यालय के भवन दुरुस्त नहीं थे। स्कूलों में शौचालय नहीं थे। यूनिफार्म नहीं थे। बच्चे नंगे पैर स्कूल आते थे। अब यह बदल रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि उप्र हमेशा शिक्षा का केंद्र रहा है। यूपी विज्ञान और शिक्षा का केंद्र रहा लेकिन पिछली सरकारों की वजह से उप्र में अव्यवस्था, भ्रष्टाचार हावी हो गया। हमारी पहचान बदल गयी थी। स्कूल चलो अभियान पहली बार जुलाई 2017 में आरंभ किया था। पहले स्कूलों में बच्चों की संख्या घट रही थी। स्कूल छोड़ कर जा रहे थे। आज बेसिक स्कूलों में एक करोड़ 92 लाख बच्चे हो गए हैं। स्कूल छोड़ने की वजह स्कूल में जर्जर दीवार, नल न होना, शौचालय न होना और शिक्षकों की कमी थी। यह प्रदेश के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा था। हमारी सरकार में बच्चों को स्कूल बैग, पुस्तकें, जूता, मोजा, ड्रेस दिया गया। बच्चे स्कूल में ही नहीं आ रहे बल्कि वह अच्छा प्रदर्शन कर रहे हैं। शिक्षा के क्षेत्र में हम क्वालिटी देने की ओर बढ़े हैं। बेसिक शिक्षा में एक लाख 60 हजार शिक्षकों की भर्ती की गई। मुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों का कायाकल्प हो रहा है। बेसिक शिक्षा परिषद एनसीआरटी को अपना रहा है। हर ब्लॉक को निपुण घोषित किया जा रहा है। बालिकाओं के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम भी लांच किया गया है। स्कूल चलो अभियान एक माह तक चलेगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने निर्देश दिया कि बेसिक शिक्षा अधिकारी ग्रामीण क्षेत्रों में जाएं। बच्चों की स्क्रीनिंग करें। हर स्कूल के शिक्षक अपने विद्यालय वाले गांव का अध्ययन करें। गांव में कितने बच्चे हैं। कितने स्कूल जाने से वंचित हैं। वंचित हैं तो क्यों। वहां की सामाजिक स्थिति क्या है। 

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यूपी में देश की आत्मा निवास करती है। यह शिक्षा और स्वास्थ्य का प्रमुख केंद्र रहा है। काशी प्राचीन काल से शिक्षा का केंद्र रही है। प्रयागराज उच्च शिक्षा का केंद्र रहा है। नैमिषारण्य भी यहीं है। यूपी की पहचान दुनिया भर में रही है लेकिन एक समय ऐसा रहा है कि यहां की पहचान गुंडागर्दी और अराजकता बन गई। प्रदेश बीमारी और भ्रष्टाचार के कारण जाना जाता था लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में जो कदम उठाए गए उससे बदलाव दिख रहा है।
 

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