देश भर में विरोध प्रदर्शन और चक्का जाम, हिट एंड रन कानून का कर रहे विरोध
खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, महाराष्ट्र समेत कई प्रदेशों में ट्रक ड्राइवरों की हड़ताल के चलते हाहाकार मचा हुआ है। हिट एंड रन एक्ट के विरोध में ट्रक ट्राइवर देश के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन कर रहे हैं. केंद्र सरकार के नए हिट एंड रन कानून पर देशभर में बवाल खड़ा हो गया है। हाल ही में कानून में किए गए संशोधन का देशभर में चक्काजाम कर विरोध हो रहा है। नए कानून के मुताबकि अब हिट एंड रन केस में ड्राइवर को 10 साल तक की सजा और 7 लाख का रुपये का जर्माना लगाया जा सकता है. हिट-एंड-रन मामलों पर नए कानून के खिलाफ ट्रक ड्राइवरों के विरोध पर केंद्रीय परिवहन राज्य मंत्री वीके सिंह ने कहा, "यात्रियों को परेशानी नहीं होनी चाहिए. नया कानून यात्रियों की मदद के लिए है. पहले ड्राइवर भाग जाता था, अब एक नया कानून बना, जिसमें ड्राइवर सजग रहे." कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया एक्स पर लिखा, ''बिना प्रभावित वर्ग से चर्चा और बिना विपक्ष से संवाद के कानून बनाने की जिद लोकतंत्र की आत्मा पर निरंतर प्रहार है. जब 150 से अधिक सांसद निलंबित थे तो तब संसद में शहंशाह ने भारतीय अर्थव्यवस्था की रीढ़, ड्राइवर्स के विरुद्ध एक ऐसा कानून बनाया जिसके परिणाम घातक हो सकते हैं. नए नियम आने से ड्राइवरों में इस बात का डर है कि यह उनके खिलाफ बनाया गया है। यदि नए नियम के अनुसार वो घायल की मदद करने जाते हैं ऐसे में उन्हें भीड़ के गुस्से का सामना करना पड़ सकता है।
नए कानून में 'हिट-एंड-रन' सड़क दुर्घटना मामलों के संबंध में सात लाख का जुर्माना और 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है. इसे लेकर ट्रक ड्राइवर्स में खासा नाराजगी है. देश के अलग-अलग राज्यों में ट्रक ड्राइवरों ने जबरदस्त प्रदर्शन किया है. महाराष्ट्र में प्रदर्शन की वजह से कुछ स्थानों पर ईंधन की कमी की आशंका पैदा हो गई. हिट एंड रन के मामले सड़क दुर्घटना से जुड़े होते हैं। हिट एंड रन का मतलब है तेज और लापरवाही से गाड़ी चलाने के चलते किसी व्यक्ति या संपत्ति को नुकसान पहुंचाना और फिर भाग जाना। ऐसे में सबूतों और प्रत्यक्षदर्शियों के अभाव के कारण दोषियों को पकड़ना और सजा देना बहुत मुश्किल हो जाता है। जिस नियम को लेकर देशभर में बवाल मचा हुआ है वह हाल ही में संसद से पारित तीन नए कानून का हिस्सा है। दरअसल, आईपीसी की जगह लेने वाली भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 104 में हिट एन्ड रन का जिक्र किया गया है। यह धारा लापरवाही से मौत का कारण के लिए दंडात्मक कार्रवाई का प्रावधान करती है।
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