खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में अंतरिम बजट पेश किया। यह बजट मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट है। वित्तमंत्री ने इस बार छठा बजट सदन में पेश किया। उन्होंने डायरेक्ट और इनडायरेक्ट टैक्स में कोई बदलाव नहीं किया है. केंद्रीय मंत्री मीनाक्षी लेखी ने अंतरिम बजट पर कहा, "यह अंतरिम बजट है... पिछले 10 सालों में हम सीढ़ी दर सीढ़ी आगे बढ़ रहे हैं चाहे वह युवा हों, या महिलाएं हों, या किसान, हर एक के लिए हमने काम किया है और वह इस बजट में परिलक्षित हो रहा है..."  अपने बजट भाषण में सीतारमण ने कहा, "2024-25 में राजकोषीय घाटा GDP का 5.1% रहने का अनुमान है." उन्होंने कहा, "हमें गरीब, महिला, युवा और अन्नदाता पर ध्यान केंद्रित करने की जरूरत है, उनकी जरूरतें और आकांक्षाएं हमारी सर्वोच्च प्राथमिकताएं हैं." यह नरेंद्र मोदी सरकार के दूसरे कार्यकाल का अंतिम बजट है. चूंकि यह अंतरिम बजट था, ऐसे में बड़े नीतिगत फैसले नहीं लिए गए. मोदी सरकार ने अंतरिम बजट को अपने 10 साल के कार्यकाल के रिपोर्ट कार्ड की तरह पेश किया. नई सरकार के बजट लाने तक अंतरिम बजट ही प्रभावी रहेगा. पूर्ण बजट जुलाई में पेश किया जाएगा. आज बजट पेश करते ही निर्मला सीतारमण के नाम पर लगातार 6 बजट पेश करने का रिकॉर्ड कायम हो गया. वह ऐसा करने वाली दूसरी वित्त मंत्री बनीं. इससे पहले यह रिकॉर्ड सिर्फ पूर्व पीएम मोरारजी देसाई के नाम था.

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने अंतरिम बजट 2024-25 में कोई बड़े ऐलान नहीं किए. उन्होंने इसे सीमित रखा और ज्यादातर ध्यान सरकार की उपलब्धियां गिनाने पर दिया. वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने बजट भाषण के दौरान तीन प्रमुख आर्थिक रेलवे कॉरिडोर बनाने का ऐलान किया है. इन्हें एनर्जी, मिनरल व सीमेंट कॉरिडोर, पोर्ट कनेक्टिविटी कॉरिडोर और हाई ट्रेफिक डेंसिटी कॉरिडोर के तौर पर जाना जाएगा. नए वित्त वर्ष में भारतीय रेलवे को 2.55 लाख करोड़ रुपये दिए गए हैं. चालू वित्त वर्ष के लिए रेलवे को 2.4 लाख करोड़ रुपये दिए गए थे. इन कॉरिडोर को पीएम गति शक्ति योजना के तहत विकसित किया जाएगा. इनकी मदद से लागत घटाने और क्षमता बढ़ाने में मदद मिलेगी.   अंतरिम बजट से जुड़ी 21 मुख्य बातें...

 

  1. बुनियादी ढांचा के विकास के लिए पूंजीगत व्यय 11.1 प्रतिशत बढ़ाकर 11.11 लाख करोड़ रुपये किया गया। यह सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 3.4 प्रतिशत होगा।
  2. प्रत्यक्ष तथा अप्रत्यक्ष करों की मौजूदा दरों को बरकरार रखा गया। पिछले 10 साल के दौरान प्रत्यक्ष कर संग्रह तिगुना, रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या 2.4 गुना बढ़ी।
  3. वित्त वर्ष 2009-10 तक की अवधि से जुड़ी 25 हजार रुपये तक की बकाया प्रत्यक्ष कर मांग को वापस लिया जाएगा। वित्त वर्ष 2010-11 से 2014-15 तक की 10 हजार रुपये तक की बकाया प्रत्यक्ष कर मांग को वापस लिया जाएगा।
  4. सरकारी संपत्ति कोष अथवा पेंशन कोष द्वारा किए गए निवेश, स्टार्टअप के लिए कर लाभ 31.03.2025 तक बढ़ाया गया।
  5. आईएफएससी इकाईयों की कुछ आय पर कर रियायत को एक साल बढ़ाकर 31.03.2024 से 31.03.2025 किया गया।
  6. खुदरा व्यवसायों के अनुमानित कराधान के लिए कारोबार सीमा को दो करोड़ से बढ़ाकर तीन करोड़ रुपये किया गया।
  7. पेशेवरों के लिए अनुमानित कराधान सीमा को 50 लाख रुपये से बढ़ाकर 75 लाख रुपये किया गया।
  8. वर्तमान घरेलू कंपनियों के लिए कॉरपोरेट आयकर दर 30 प्रतिशत से घटाकर 22 प्रतिशत की गई।
  9. विनिर्माण क्षेत्र की नई कंपनियों के लिए कॉरपोरेट आयकर कर दर 15 प्रतिशत की गई।
  10. वित्त वर्ष 2024-25 में उधारी के अलावा कुल प्राप्तियां तथा कुल व्यय क्रमश: 30.80 लाख करोड़ रुपये और 47.66 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान। कर प्राप्तियां 26.02 लाख करोड़ रुपये रहने की संभावना।
  11. वित्त वर्ष 2024-25 में राजकोषीय घाटा जीडीपी का 5.1 प्रतिशत रहने का अनुमान।
  12. वित्त वर्ष 2024-25 के दौरान दिनांकित प्रतिभूतियों के जरिए सकल तथा शुद्ध बाजार उधारी क्रमश: 14.13 लाख करोड़ रुपये और 11.75 लाख करोड़ रुपये रहने का अनुमान।
  13. 50 वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण के साथ एक लाख करोड़ रुपये का कोष स्थापित किया जाएगा। कोष से दीर्घकालिक वित्त पोषण या पुनर्वित्तपोषण कम या शून्य ब्याज दरों पर उपलब्ध कराए जाएंगे।
  14. पीएम-आवास योजना (ग्रामीण) के तहत अगल पांच वर्षों में दो करोड़ अतिरिक्त मकानों का लक्ष्य लिया जाएगा।
  15. छत पर सौर प्रणाली लगाने से एक करोड़ परिवार हर महीने 300 यूनिट तक निशुल्क बिजली प्राप्त करेंगे।
  16. आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य सेवा सुरक्षा में सभी आशा कार्यकर्ताओं, आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं और सहायिकाओं को भी शामिल किया जाएगा।
  17. पीएम गतिशक्ति के तहत तीन प्रमुख आर्थिक रेल गलियारा कार्यक्रमों की पहचान की गई है।
  18. 40,000 सामान्य रेल डिब्बों को ‘वंदे भारत’ मानकों के अनुरूप बदला जाएगा।
  19. वर्ष 2030 तक 100 मीट्रिक टन की कोयला गैसीकरण और तरलीकरण क्षमता स्थापित की जाएगी।
  20.  राज्य सरकारों द्वारा विभिन्न पड़ावों से जुड़े सुधार के लिए 50 वर्ष के ब्याज मुक्त ऋण के रूप में 75,000 करोड़ रुपये के प्रावधान का प्रस्ताव।
  21. राज्यों के पूंजीगत व्यय के लिए 50 वर्षीय ब्याज मुक्त ऋण योजना कुल 1.3 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ इस वर्ष भी जारी रखी जाएगी।

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