नई दिल्‍ली,खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : लोकसभा चुनाव से ठीक पहले केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम की अधिसूचना जारी कर दी है.केंद्रीय गृह मंत्रालय ने आज नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) नियमों को अधिसूचित कर दिया है। लोकसभा चुनाव से पहले मोदी सरकार ने सीएए नियम लागू कर विपक्ष को भी चौंका दिया है. सरकार ने नोटिफिकेशन में स्पष्ट कहा है कि यह नागरिक छीनने नहीं बल्कि नागरिकता देने वाला कानून है. इसके तहत शरणार्थियों को देश की नागरिकता मिल सकेगी। जानकारी के मुताबिक, सीएए के नियम जारी होने के बाद अब पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश के अल्पसंख्यक शरणार्थियों को भारत की नागरिकता मिल सकेगी।

सीएए को दिसंबर 2019 में संसद द्वारा मंजूरी दे दी गई थी. अब इसके लागू होने के बाद बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय राष्ट्रीयता प्रदान की जा सकेगी, जो 2015 से पहले भारत आए थे. नियम को लेकर सारी तैयारी पहले ही पूरी हो चुकी थी. कुछ दिन पहले ही गृह मंत्री अमित शाह ने कहा था कि सीएए को लोकसभा चुनाव से पहले लागू किया जाएगा. नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के तहत 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत में बसे बांग्लादेश, पाकिस्तान और अफगानिस्तान से आए हिंदू, सिख, जैन, बौद्ध, पारसी और ईसाइयों सहित प्रताड़ना झेल चुके गैर-मुस्लिम प्रवासियों को भारतीय नागरिकता देना है. यह दिसंबर 2019 में संसद से पारित हो गया था. इसे राष्ट्रपति से भी मंजूरी मिल गई थी. विधेयक भारत में किसी भी अल्पसंख्यक के खिलाफ नहीं है और प्रत्येक भारतीय नागरिक के अधिकारों को समान रूप से संरक्षित किया जाएगा. 

सीएए, किसी व्यक्ति को खुद नागरिकता नहीं देता है। इसके जरिए पात्र व्यक्ति, आवेदन करने के योग्य बनता है। यह कानून उन लोगों पर लागू होगा, जो 31 दिसंबर 2014 को या उससे पहले पाकिस्तान, अफगानिस्तान और बांग्लादेश से भारत आए थे। इसमें प्रवासियों को वह अवधि साबित करनी होगी कि वे इतने समय में भारत में रह चुके हैं। उन्हें यह भी साबित करना होगा कि वे अपने देशों से धार्मिक उत्पीड़न की वजह से भारत आए हैं। वे लोग उन भाषाओं को बोलते हैं, जो संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल हैं। उन्हें नागरिक कानून 1955 की तीसरी सूची की अनिवार्यताओं को भी पूरा करना होगा। गृह मंत्रालय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बयान जारी कर कहा, गृह मंत्रालय (एमएचए) आज नागरिकता (संशोधन) अधिनियम, 2019 (सीएए-2019) के तहत नियमों को अधिसूचित करेगा. नागरिकता (संशोधन) नियम, 2024 कहे जाने वाले ये नियम सीएए-2019 के तहत पात्र व्यक्तियों को भारतीय नागरिकता प्रदान करने के लिए आवेदन करने में सक्षम बनाएंगे. आवेदन पूरी तरह से ऑनलाइन मोड में जमा किए जाएंगे जिसके लिए एक वेब पोर्टल उपलब्ध कराया गया है.

सीएए लागू होने के बाद दिल्ली के शाहीन बाग में सुरक्षा बढ़ा दी गई है. शाहीन बाग में सुरक्षाबलों ने फ्लैग मार्च किया. दिल्ली के कई इलाकों में सुरक्षा बढ़ाई गई है.

1. क्या है विवाद?

नागरिक संशोधन अधिनियम में भारत के पड़ोसी देश अफगानिस्तान, बांग्लादेश और पाकिस्तान के उन लोगों को भारतीय नागरिकता देने का प्रावधान है, जिन्हें धर्म के आधार पर परेशान किया गया हो. इस कानून के तहत हिंदू, सिख, जैन, ईसाई, बौद्ध और पारसी लोगों को भारतीय नागरिकता दी जा सकती है. इस कानून में मुसलमानों का जिक्र नहीं होने से विवाद होता रहा है. इस वजह से सरकार पर धार्मिक भेदभाव का आरोप भी लगा है.

2. एनआरसी से जोड़ रहे लोग

इस कानून को एनआरसी से जोड़कर देखा जा रहा है. इस आधार पर कहा जा रहा है कि एनआरसी के जरिए लोगों से भारतीय नागरिकता छीनी जाएगी और फिर सीएए के जरिए उन्हें फिर से नागरिकता दी जाएगी. इस प्रक्रिया में मुसलमानों को देश से बाहर कर दिया जाएगा. हालांकि, सीएए में पड़ोसी देश के लोगों को नागरिकता देने का प्रावधान है.

3. किसे होगा फायदा?

सीएए से फायदा भारत के पड़ोसी देशों में रह रहे लोगों को होगा. पाकिस्तान, बांग्लादेश या अफगानिस्तान में जिन लोगों को धर्म के आधार पर परेशान किया जा रहा है. ऐसे लोगों को सीएए के जरिए आसानी से भारत की नागरिकता मिल जाएगी.

 

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