खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): भारतीय जनता पार्टी हाल ही में संपन्न हुए लोकसभा चुनाव 2024 के नतीजों में उम्मीद के मुताबिक प्रदर्शन नहीं कर पाई है. चुनाव से ठीक पहले बीजेपी के नेताओं ने आरएसएस से दूरी बनाना शुरू कर दिया था. माना गया कि इसकी वजह से बीजेपी 240 सीटों पर सिमट गई. वही अब भाजपा और आरएसएस के बीच के मतभेद खुलकर सामने आने लगे हैं। सरसंघ चालक मोहन भागवत के बाद अब आरएसएस की राष्ट्रीय कार्यकारिणी के सदस्य इंद्रेश कुमार ने बड़ा बयान दिया है। उन्होंने कहा 'जो अहंकारी हो गए हैं, उन्हें 241 पर रोक दिया, जिनकी राम के प्रति आस्था नहीं थी, अश्रद्धा थी। उन सबको मिलकर 234 पर रोक दिया। यही प्रभु का न्याय है। बीजेपी के साथ-साथ इंद्रेश कुमार ने इंडिया गठबंधन को भी निशाने पर लिया. उन्होंने कहा कि राम का विरोध करने वाले किसी भी दल को सत्ता नहीं मिली है. सभी को मिलाकर भी वो दूसरे नंबर पर ही खड़े रहे हैं. भगवान का न्याय बड़ा सत्य और आनंददायक है. अयोध्या से भाजपा प्रत्याशी लल्लू सिंह की हार पर भी इंद्रेश कुमार ने कहा कि जो राम की भक्ति करे, फिर अहंकार करे, जो राम का विरोध करे, उसका अकल्याण अपने आप हो गया। लल्लू सिंह ने जनता पर जुल्म किए थे, तो रामजी ने कहा कि पांच साल आराम करो, अगली बार देख लेंगे।
गौरतलब है कि कुछ दिन पहले सरसंघ चालक मोहन भागवत ने भी 10 जून को नागपुर में संघ के कार्यकर्ता विकास वर्ग के समापन भाजपा के शीर्ष नेतृत्व को निशाने पर लिया था। भागवत ने कहा था कि जो मर्यादा का पालन करते हुए कार्य करता है, गर्व करता है, किन्तु लिप्त नहीं होता, अहंकार नहीं करता, वही सही अर्थों में सेवक कहलाने का अधिकारी है। उन्होंने कहा कि जब चुनाव होता है तो मुकाबला जरूरी होता है। इस दौरान दूसरों को पीछे धकेलना भी होता है, लेकिन इसकी एक सीमा होती है। यह मुकाबला झूठ पर आधारित नहीं होना चाहिए। गुरुवार को इंद्रेश कुमार जयपुर के पास कानोता में 'रामरथ अयोध्या यात्रा दर्शन पूजन समारोह' को संबोधित कर रहे थे. इंद्रेश आरएसएस के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य भी हैं. हालांकि, उन्होंने अपने बयान में किसी पार्टी का नाम नहीं लिया. लेकिन उनका इशारा साफ तौर पर पक्ष-विपक्ष की तरफ संकेत दे रहा था. 

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