देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): प्रदेश के नगर निकायों में एक-दो दिन में आरक्षण की अन्तिम अधिसूचनाएं जारी हो जायेगी। सभी जिलाधिकारी रविवार को नगर निगमों में पार्षद और नगर पालिका और नगर पंचायतों में वार्ड सदस्यों के आरक्षण की अनंतिम अधिसूचना जारी करेंगे। आयोग ने अपनी रिपोर्ट में प्रदेश के 11 नगर निगमों में से मेयर के दो पद ओबीसी करने की सिफारिश की है। बाकी आठ पद अनारक्षित, एक पद अनुसूचित जाति का होगा। नगर पालिकाओं में चेयरमैन के 45 में से 13 पद ओबीसी के होंगे। बाकी 25 पद अनारक्षित, छह पद अनुसूचित जाति और एक पद अनुसूचित जनजाति का होगा। राज्य में 2018 के निकाय चुनाव में सभी निगम, पालिका व नगर पंचायतों में 14 प्रतिशत ओबीसी आरक्षण लागू था। इस बार एकल सदस्यीय समर्पित आयोग ने ओबीसी की आबादी के हिसाब से सीटों का आरक्षण तय किया है। इसकी रिपोर्ट के आधार पर आरक्षण लगेगा।
निकाय चुनावों की तैयारियों को देखते हुए अनुमान लगाया जा रहा कि राज्य निर्वाचन आयोग दिसंबर के आखिरी सप्ताह में आचार संहिता लागू कर देगा। जनवरी के दूसरे से तीसरे सप्ताह के बीच निकाय चुनाव होने का अनुमान है।
नगर पंचायतों में अध्यक्ष के 46 में से 16 पदों पर ओबीसी प्रत्याशी होंगे। 23 पद अनारक्षित होंगे। छह पदों पर अनुसूचित जाति और एक पद पर अनुसूचित जनजाति के प्रत्याशी होंगे।नगर निगम काशीपुर में ओबीसी के सबसे ज्यादा वार्डरिपोर्ट के मुताबिक, नगर निगम काशीपुर में ओबीसी की सर्वाधिक 38.62 प्रतिशत आबादी को देखते हुए यहां 40 में से 15 वार्ड ओबीसी आरक्षित होंगे। नगर निगम रुड़की में ओबीसी की आबादी 36.20 प्रतिशत देखते हुए यहां 40 में से 14 वार्ड ओबीसी के होंगे। नगर निगम हरिद्वार में ओबीसी की आबादी 20.90 को देखते हुए यहां 60 में से 13 वार्ड ओबीसी के होंगे। बाकी नगर निगम देहरादून में ओबीसी के 12, नगर निगम ऋषिकेश में चार, कोटद्वार में तीन, श्रीनगर में दो, रुद्रपुर में आठ, हल्द्वानी में 11, अल्मोड़ा में तीन और पिथौरागढ़ में दो वार्ड ओबीसी आरक्षित होंगे।

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