देहरादून, खबर न्यू  इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : पीएम नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में बिना अमेरिका का नाम लिए अमेरिका को सीधा मैसेज दिया है. पीएम ने कहा किसान हमारी अर्थव्यवस्था में बहुत बड़ा योगदान देते हैं, उन्होंने भारत को कई उत्पादों का शीर्ष उत्पादक बनाया है. भारत किसानों के हितों से समझौता नहीं करेगा, किसी भी हानिकारक नीति को स्वीकार नहीं करेगा. मोदी किसी भी प्रतिकूल नीति से किसानों और मछुआरों के हितों की रक्षा करने के लिए दीवार की तरह खड़ा है. उन्होंने कहा कि हम किसी की लकीर को छोटी करने में अपनी ताकत बर्बाद नहीं करेंगे.हमें ताकत अपनी लकीर लको लंबी करने में लगाना है. दुनिया को लोहा मनवाना है. पीएम ने कहा हमारी जिम्मेदारी है कि हम किसी की लकीर को छोटी करने में अपनी ताकत बर्बाद न करें. मैं अपने अनुभव से कहता हूं कि किसी दूसरे की लकीर को छोटी करने में हमें अपनी उर्जा नहीं खपानी है. हमें पूरी ऊर्जा के साथ हमारी लकीर को लंबा करना है. हम अपनी लकीर लंबी करते हैं, तो दुनिया भी हमारा लोहा मानेगी. अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का नाम लिए बिना पीएम ने कहा,  वैश्विक परिस्थितियों में आर्थिक स्वार्थ दिनोंदिन बढ़ रहा है, मैं 25 साल के अपने शासन के अनुभव से कहता हूं कि यह रास्ता हमने चुन लिया तो कोई स्वार्थ हमने अपने चंगुल में नहीं फंसा सकता है. 

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर से पाकिस्तान में ऐसी तबाही हुई है कि उसकी नींद उड़ी हुई है. अगर दुश्मनों ने आगे भी कोई हिमाकत की तो मुंहतोड़ जवाब दिया जाएगा तथा भारत अब ‘न्यूक्लियर ब्लैकमैल' नहीं सहेगा. उन्होंने देश के 79वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले की प्राचीर से अपने संबोधन में यह भी कहा कि सिंधु जल समझौता ‘अन्यायपूर्ण और एकतरफा' है जो भारत को मंजूर नहीं हैं. मोदी ने कहा, ‘‘आज मुझे बहुत गर्व हो रहा है कि ऑपरेशन सिंदूर के वीर जाबांजों को सलामी देने का अवसर मिला है. हमारे जाबांज सैनिकों ने दुश्मनों को उनकी कल्पना से परे सजा दी है.'' प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि सीमा पार से आए आतंकवादियों ने पहलगाम में जिस तरह से कत्लेआम किया, उससे पूरा हिंदुस्तान आक्रोश से भरा हुआ था और पूरा विश्व भी चौंक गया था. लाल किले से राष्ट्र को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक ऐतिहासिक घोषणा की.  साल 2035 तक भारत 'सुदर्शन चक्र' नामक एक अत्याधुनिक राष्ट्रीय सुरक्षा कवच तैयार करेगा. यह मिशन न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करेगा, बल्कि भविष्य की तकनीक-आधारित युद्ध रणनीतियों में भी भारत को मजबूती देगा.

प्रधानमंत्री ने कहा कि दुनिया में युद्ध के तौर-तरीके तेजी से बदल रहे हैं. साइबर अटैक, ड्रोन युद्ध, स्पेस-बेस्ड हथियार और AI-आधारित सैन्य प्रणालियां नई चुनौतियां पैदा कर रही हैं. ‘सुदर्शन चक्र’ मिशन का उद्देश्य इन सभी उभरती चुनौतियों से निपटने के लिए एक सर्व-समावेशी, आधुनिक और तकनीकी रूप से उन्नत प्रणाली विकसित करना है. यह केवल सीमाओं पर ही नहीं, बल्कि साइबर और अंतरिक्ष सुरक्षा के क्षेत्रों में भी भारत की क्षमता को बढ़ाएगा.

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