Israel-Iranइस्राइल और अमेरिका की ओर से ईरान पर हवाई हमले जारी
खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : अमेरिका और इस्राइल मिलकर ईरान पर हवाई हमले कर रहे हैं। ईरान ने भी पलटवार किया है। आज भी ईरान की राजधानी तेहरान समेत पश्चिम एशिया के कई हिस्सों में धमाके हुए। 4 दिन बाद भी US-इजरायल और ईरान के बीच जंग रुकने का नाम नहीं ले रही है, बल्कि यह अब आर या पार वाली स्थिति में पहुंच चुकी है. अमेरिका ने अपने हमले में ईरान के सुप्रीम लीडर अयातुल्लाह अली खामेनेई को मौत के घाट उतार दिया है. इसके बाद से ईरान ने अपने जवाबी हमलों में पूरे वेस्ट एशिया में मौजूद अमेरिका के सहयोगी देशों को निशाना बनाया है. उसने इन देशों में बंदरगाहों, हवाई अड्डों, आवासीय भवनों और होटलों के साथ-साथ दिग्गज तेल कंपनियों को निशाना बनाया है. अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने जानकारी दी है कि अमेरिकी बी-1 बॉम्बर विमानों ने ईरान के अंदर गहराई तक जाकर सैन्य ठिकानों पर हमला किया। सोशल मीडिया पोस्ट में कहा गया कि इन हमलों का उद्देश्य ईरान की बैलिस्टिक मिसाइल क्षमताओं को कमजोर करना था। सेंट्रल कमांड ने बताया कि कार्रवाई राष्ट्रपति ट्रंप के निर्देशों के तहत की गई। अमेरिकी प्रशासन का कहना है कि ईरान की मिसाइल क्षमता और सैन्य ढांचे को निशाना बनाकर क्षेत्रीय खतरे को कम करने की कोशिश की जा रही है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में ईरान पर अमेरिका-इजरायल के संयुक्त हमलों का पूरा बचाव किया है. उन्होंने कहा कि ईरान के बैलिस्टिक मिसाइल और न्यूक्लियर प्रोग्राम को कुछ महीनों में इतना मजबूत कर दिया जाता कि वो हमलों से 'इम्यून' (सुरक्षित) हो जाते. इस वजह अब एक्शन लेना बहुत जरूरी था, वरना भविष्य में कोई कार्रवाई नहीं हो पाती. नेतन्याहू ने कहा, 'हमने उनके न्यूक्लियर साइट्स और बैलिस्टिक मिसाइल प्रोग्राम पर हमला किया था . ईरान की आईआरजीसी ने कहा कि उसने आज सुबह बहरीन के शेख ईसा क्षेत्र में स्थित एक अमेरिकी एयर बेस पर बड़े पैमाने पर ड्रोन और मिसाइल हमला किया। बताया गया कि उसने 20 ड्रोन और तीन मिसाइलें तैनात की, जिससे अमेरिकी हवाई अड्डे की मुख्य कमान और मुख्यालय की इमारत नष्ट हो गई और उसके ईंधन टैंकों में आग लग गई।
ईरान में जारी युद्ध जैसे हालात के बीच वहां फंसे भारतीय छात्रों की सुरक्षित वापसी को लेकर राहत भरी खबर सामने आई है। मुंबई स्थित ईरान के कॉन्सुलेट जनरल सईद रेजा मोतलाग ने कहा कि भारतीय छात्रों को देश छोड़ने के लिए किसी विशेष अनुमति की जरूरत नहीं है। उन्होंने बताया कि सुरक्षा कारणों से एयरपोर्ट बंद हैं, इसलिए छात्र अफगानिस्तान और तुर्कमेनिस्तान जैसे देशों की जमीनी सीमाओं के रास्ते ईरान से बाहर जा सकते हैं। छात्रों को केवल पासपोर्ट साथ रखना होगा और निकासी प्रक्रिया में सहयोग दिया जाएगा।
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