हनुमान जन्मोत्सव चैत्र माह की पूर्णिमा तिथि में मनाया जाता है. पंचांग के अनुसार, इस बार चैत्र माह की पूर्णिमा की तिथि 16 अप्रैल देर रात 2 बजकर 25 मिनट से शुरू हो रही है. वहीं पूर्णिमा तिथि का समापन 17 अप्रैल को दोपहर 12 बजकर 24 मिनट पर हो रहा है. इस दिन हस्त और चित्रा नक्षत्र का शुभ संयोग बन रहा है. इसके अलावा हनुमान जन्मोत्सव पर सुबह 5 बजकर 55 मिनट से 8 बजकर 40 मिनट तक रवि योग रहेगा. माना जाता है कि रवि योग में हनुमानजी की पूजा अत्यंत फलदायी होती है. इससे साथ ही इस शुभ योग में अन्य शुभ कार्य भी किए जा सकते हैं. हनुमान जन्मोत्सव यह दिन हनुमान जी को समर्पित है. इस दिन को हनुमान जी को प्रसन्न करने के लिए अतिशुभ माना गया है. हनुमान जी के जन्मदिन पर किए गए उपाय जीवन में विशेष फल प्रदान करते हैं. हनुमान जन्मोत्सव पर शाम के समय पूजा स्थल पर लाल वस्त्र बिछाकर उस पर हनुमानजी की मूर्ति या तस्वीर को दक्षिण की ओर मुख करके स्थापित करें. पूजा करते वक्त खुद भी लाल वस्त्र पहनकर लाल आसन पर बैठें. इसके बाद पूरी पवित्रता के साथ घी का दीपक और चंदन का धूपबत्ती जलाएं. नारंगी सिंदूर को चमेली के तेल में घोलकर हनुमानजी को अर्पित करें. साथ ही उन्हें लाल रंग के फूल अर्पित करें. इसके बाद लाल रंग की बूंदी और लड्डू के भोग लगाएं. मान्यता हैं जो भी भक्तजन इस दिन हनुमान जी की सच्चे मन से पूजा करते हैं उनको मनचाहा फल प्राप्त होता हैं, उनकी सभी इच्छा हनुमान जी पूर्ण करते हैं