देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): तुन्तो वाला देहरादून में चल रही श्रीमद् भागवत कथा के चतुर्थ दिवस की कथा में बड़ी धूमधाम से मनाया गया कृष्ण भगवान का जन्म उत्सव कथा के अंतिम समय तक श्रोताओं का तांता लगा रहा, कथा व्यास आचार्य भारत भूषण गैरोला शास्त्री के दिव्य प्रवचन से श्रोताओं का मन रूपी मयूर नाचने लगा आचार्य जी ने दिव्य कथा में राजा बलि चरित्र ,बामन जन्म, राम जन्म व कृष्ण जन्म की दिव्य कथा को श्रवण कर सभी श्रोताओं को आनंदित किया, आचार्य भारत भूषण शास्त्री ने बताया कि जब जब इस पृथ्वी पर अत्याचार एवं अधर्म की वृद्धि होती है तो ये पृथ्वी गौ माता का रूप धारण करके श्री नारायण के पास जाती है और कहती हैं कि हे नारायण पृथ्वी पर अधर्मीयों का बोलबाला बढ़ रहा है, गो ब्राह्मण को सताया जा रहा है संतों की अवहेलना की जा रही है तब मेरे भगवान विप्र धेनु सुर संत हित लीन मनुज अवतार निज इच्छा निर्मित तनु माया गुन गोपाल तब मेरे भगवान गो ब्राह्मण संत एवं सज्जनों की रक्षा के लिए कभी राम रूप में कभी कृष्ण रूप में अवतार लेते "व्यास जी" बताया कि हमारा सनातन धर्म ही दुनिया का एक मात्र धर्म है जो प्रत्येक जड़ और चेतन में भगवान का दर्शन करवाता है जिस सांप से दुनिया डरती है हमारा धर्म उसे भगवान के रूप में पूजवाता है, जिस बाघ से संसार डरता है हमारा सनातन धर्म उसमें भी भगवान को देखता है पर्वत पेड़ पौधे जल अग्नि सभी में  यदि कोई भगवान के दर्शन करवाता है तो उसे ही  सनातन धर्म कहते हैं.
व्यास जी ने बताया कि दुनिया में एकमात्र धर्म सनातन धर्म है बाकी सभी पंथ एवं संप्रदाय है जिनका स्तर सीमित है, दुनिया में सनातन धर्म ही " वसुधैव कुटुंबकम"और सर्वे भवन्तु सुखिन: की भावना को रखता है! सभी आनंदित हुए, संगीतकारों ने दिव्य भजन एवं झांकियों से सभी को आनंदित किया
इस अवसर पर आचार्य द्वारिका रतूड़ी, अचार्य पंडित लोकेश, आचार्य बडोनी, यजमान परिवार केशव भंडारी, सुनीता भंडारी अमित भंडारी अंकित भंडारी मनीषा संगीता अंकिता कुलदीप सहित अनेकानेक गणमान्य लोग उपस्थित रहे.

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