Supreme Court on Demonetisation: केंद्र सरकार का नोटबंदी पर फैसला सही, सुप्रीम कोर्ट ने लगाई मुहर
खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): नोटबंदी के फैसले को सुप्रीम कोर्ट ने सही ठहराया है. नोटबंदी के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिकाओं पर सोमवार को फैसला आ गया है. सुप्रीम कोर्ट ने मोदी सरकार के नोटबंदी के तहत 1000-500 के नोटों को अमान्य घोषित किए जाने के फैसले को सही ठहराया है. सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के साथ ही नोटबंदी के खिलाफ दाखिल हुईं 58 याचिकाएं खारिज हो गईं. हालांकि, सुप्रीम कोर्ट की बेंच के एक जज ने इस फैसले पर अपनी असहमति जताई है. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि नोटबंदी से पहले केंद्र सरकार और आरबीआई के बीच सलाह-मशविरा हुआ था. सुप्रीम कोर्ट अपने फैसले में कहा कि इस फैसले को लेने के लिए दोनों के बीच अच्छा तालमेल था. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि आरबीआई के पास नोटबंदी करने की कोई स्वतंत्र शक्ति नहीं है और केंद्र व आरबीआई के बीच परामर्श के बाद ये निर्णय लिया गया.
न्यायमूर्ति एसए नजीर की अध्यक्षता वाली 5 जजों की पीठ ने इस मामले पर सुनवाई की. इसमें न्यायमूर्ति एसए नजीर, न्यायमूर्ति बीआर गवई, न्यायमूर्ति एएस बोपन्ना और न्यायमूर्ति वी रामासुब्रमण्यन सरकार के फैसले से सहमत रहे. वहीं, न्यायमूर्ति बीवी नागरत्ना ने रिजर्व बैंक कानून की धारा 26(2) के तहत केंद्र के अधिकारों के मुद्दे पर आपत्ति जताई. दरअसल, सरकार के नोटबंदी के फैसले के तरीके को गैरकानूनी बताकर इसे खारिज करने के लिए याचिका दायर की गई थी. याचिकाकर्ताओं की तरफ के वकील चिदंबरम ने सरकार के इस फैसले को गंभीर रूप से दोषपूर्ण करार दिया था. साथ ही उन्होंने कहा था कि इसमें सरकार ने आरबीआई से किसी प्रकार की सलाह नहीं ली थी. न ही इसके बारे में समय रहते लोगों को जानकारी दी गई थी.
इसके साथ ही कोर्ट ने सभी 58 याचिकाओं को खारिज भी कर दिया. सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि इस फैसले को उलटा नहीं जा सकता. नोटबंदी के फैसले में कोई त्रुटि नहीं है. कोर्ट ने कहा कि रिकॉर्ड की जांच के बाद हमने पाया है कि निर्णय लेने की प्रक्रिया केवल इसलिए त्रुटिपूर्ण नहीं हो सकती है क्योंकि यह केंद्र सरकार से निकली है और हमने माना है कि टर्म सिफ़ारिश को वैधानिक योजना से समझा जाना चाहिए.
#Supreme Court On Demonetisation, ,







