‘अजमेर 92’ फिल्म को लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद ने खोला मोर्चा, बैन करने की करी मांग?
(बॉलीवुड डेस्क): ‘अजमेर 92’ फिल्म के कंटेंट को लेकर जमीयत उलमा-ए-हिंद ने मोर्चा खोल दिया है और जमीयत उऐमा-ए-हिंद ने इस फिल्म पर प्रतिबंध लगाने की मांग की है। जमीयत के अध्यक्ष मौलाना महमूद मदनी ने कहा है, 'अजमेर शरीफ की दरगाह को बदनाम करने के लिए बनी फिल्म पर फौरन प्रतिबंध लगाया जाना चाहिए। उन्होंने आगे कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता एक वरदान के साथ-साथ किसी भी लोकतंत्र की ताकत है, लेकिन इसकी आड़ में देश को तोड़ने वाले विचारों और धारणा को बढ़ावा नहीं दिया जा सकता है। रेप की सच्ची घटना पर आधारित फिल्म ‘अजमेर 92’ को पुष्पेन्द्र सिंह ने निर्देशित किया है. फिल्म करण वर्मा, सुमित सिंह, अलका अमीन, राजेश शर्मा, ईशान शर्मा, महेश बलराज, बृजेंद्र काला, मनोज जोशी आदि कई कलाकार शामिल हैं. फिल्म 14 जुलाई को रिलीज हो रही है.
साल 1992 में राजस्थान का अजमेर शहर पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया था, करीब 30 साल पहले ख्वाजा नगरी अजमेर में घटी एक घटना ने देश को दंग कर दिया था। जब 100 से भी ज्यादा लड़कियों की ना सिर्फ न्यूड फोटोज निकाली गई थीं, बल्कि उनके साथ दुष्कर्म भी किया गया। जिसके बाद कई लड़कियों ने अपनी जान तक दे दी, इनमें देश के कई नामचीन रसूखदारों की बेटियां भी शामिल थी। इसके तार अजमेर शरीफ के खादिम परिवार से जुड़ा हुआ था। इस यौन शोषण का सारा खेल शहर के सबसे रईस और ताकतवर खानदानों में से एक चिश्ती परिवार के फारूक चिश्ती और नफीस चिश्ती ने अपने साथियों के साथ मिल कर अंजाम दिया था।
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