देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की सुरक्षा में तैनात कमांडो प्रमोद रावत ने की गोली लगने से गुरुवार को मौत हो गई. शव मुख्यमंत्री आवास के पास बने बैरक में पड़ा मिला। पुलिस इस मामले में आत्महत्या और एक्सीडेंटल मौत के एंगल से जांच कर रही है. एसपी सिटी सरिता डोभाल को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई है. घटना के समय कमांडो सीएम आवास के अंदर बने पीएसी बैरक में था. खुद की AK-47 राइफल से ही कमांडो प्रमोद की गर्दन में गोली लगी है.
प्रमोद कुमार मूल रूप से पौड़ी के कफोलस्यू पट्टी के अगरोड़ा गांव के रहने वाले थे। वह 2007 में पीएसी में बतौर सिपाही भर्ती हुए थे। वर्ष 2016 में उनका चयन मुख्यमंत्री सुरक्षा में कमांडो के तौर पर हुआ था। सचिव अभिनव कुमार ने एएनआई को बताया कि यह अभी तक स्पष्ट नहीं है कि कमांडो की मौत गलती से गोली चलने के कारण हुई या फिर आत्महत्या है। प्रधान सचिव ने कहा कि जवान की गर्दन पर गोली का निशान है, लेकिन बाहर निकलने का कोई निशान नहीं है, इसलिए फोरेंसिक जांच और पोस्टमॉर्टम के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो पाएगी। सूत्रों के मुताबिक, छुट्टी न मिलने के कारण कमाडो प्रमोद रावत ने यह कदम उठाया है। हालांकि मौके पर पहुंचे आला अधिकारियों ने इस बात का खंडन किया है। एडीजी प्रशासन अभिनव कुमार का कहना है कि उनकी छुट्टी भी मंजूर हो चुकी थी। ऐसे में आत्महत्या की है तो इनमें से कोई कारण नजर नहीं आता है। कारणों का पता लगाने के लिए उनके साथियों से पूछताछ की जा रही है। उनके मोबाइल की कॉल डिटेल से भी पता लगाने की कोशिश की जा रही है।

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