भगवान शिव की अराधना से भक्तों के सभी दुख दूर होते हैं और मनोकामना पूर्ण होती हैं
खबर न्यू इंडिया: हिंदू धर्म में प्रदोष व्रत का विशेष महत्व है. इस दिन भोले शंकर की विधि-विधान के साथ पूजा की जाती है. माघ माह के शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि के दिन प्रदोष व्रत रखा जाएगा. इस बार 14 फरवरी, सोमवार के दिन प्रदोष व्रत होने के कारण इसे सोम प्रदोष के नाम से जाना जाता है. प्रदोष व्रत की पूजा प्रदोष काल में करना उत्तम होता है. भगवान शिव की अराधना से भक्तों के सभी दुख दूर होते हैं और मनोकामना पूर्ण होती हैं. सोम प्रदोष व्रत के दिन भगवान शिव की पूजा के साथ-साथ शिव चालीसा का पाठ करना शुभ माना जाता है.







