खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : 22 जनवरी को राम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा होगी, 500 साल के इंतजार के बाद राम लला अपने महल में विराजित होंगे। जिसे लेकर हर तरफ खुशी का माहौल है। हर राम भक्त को इस दिन का बेसब्री से इंतजार था। गर्भगृह में लगने वाली भगवान रामलला की मूर्ति फाइनल हो गई हैं। राम मंदिर ट्रस्ट ने मूर्तिकार अरुण योगीराज की बनाई मूर्ति को फाइनल किया है। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि कर्नाटक के प्रसिद्ध मूर्तिकार अरुण योगीराज द्वारा कृष्णशिला पर निर्मित मूर्ति का चयन भगवान श्री रामलला सरकार के श्री विग्रह के रूप में प्रतिष्ठित होने हेतु किया गया है। चंपत राय ने कहा कि अरुण योगीराज ने केदारनाथ में शंकराचार्य की मूर्ति बनाई है, इंडिया गेट पर सुभाष की प्रतिमा बनाई है. उन्हें अयोध्या में मूर्ति बनाने के दौरान पंद्रह पंद्रह दिन तक मोबाइल तक से दूर रखा गया. उनकी मूर्ति का चयन किया गया है. चंपत राय ने बताया कि प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में देश के गणमान्य लोगों को आमंत्रित किया गया है। इसमें खिलाड़ी, लेखक, वैज्ञानिक सहित अलग-अलग विधाओं के प्रतिष्ठित लोगों को बुलाया गया है। अरुण योगीराज ने कृष्ण शिला पर 5 साल के राम लला की मूर्ति बनाई है। कृष्ण शिला को कर्नाटक के कारकाला से निकाला गया है। पिछले साल फरवरी-मार्च में इस शिला का चयन राम लला की मूर्ति बनाने के लिए किया गया था। इसके बाद कर्नाटक से 10 टन वजनी, 6 फीट चौड़ी और 4 फीट श्याम शिला अयोध्या लाई गई थी जिसपर अरुण योगीराज ने भगवान रामलला का विग्रह तराशा है।

 

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