हल्द्वानी/देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क):  हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अवैध निर्माण को हटाये जाने के दौरान हुए बवाल में छह की मौत होने की खबर हैं, गुरुवार को सरकारी भूमि पर बने अवैध मदरसा व नमाज स्थल को ध्वस्त करने गई पुलिस, प्रशासन व नगर निगम की टीम पर समुदाय व‍िशेष के लोगों ने पथराव कर दिया। इस दौरान उपद्रवियों ने बनभूलपुरा थाने में आग लगा दी। वहां खड़े पुलिस व मीडियाकर्मियों के दर्जनों वाहन पेट्रोल बम से जला डाले। पुलिसकर्मियों ने किसी तरह थाने से भागकर जान बचाई। बवाल में देर रात दो बजे तक छह लोगों की मौत हो चुकी है। महिला एसडीएम व एसपी समेत करीब 250 से अधिक लोग पथराव में चोटिल लोग अस्पतालों में उपचार करा रहे हैं। जिसके बाद प्रशासन ने देर शाम उपद्रवियों के पैर में गोली मारने के आदेश जारी किए। इस दौरान प्रशासन ने शहर में कर्फ्यू लगा दिया है। 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी के बनभूलपुरा में अवैध निर्माण को हटाये जाने के दौरान पुलिस एवं प्रशासन के अधिकारियों एवं कार्मिकों पर हुए हमले तथा क्षेत्र में अशान्ति फैलाने की घटना को गम्भीरता से लिया है। मुख्यमंत्री ने सभी संबंधित अधिकारियों को क्षेत्र में शान्ति एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित किये जाने के सख्त निर्देश भी दिये है। बवाल के बाद पुलिस को अलर्ट पर रखा गया है। जिले में मिश्रित आबादी वाले थाना क्षेत्रों में संवेदनशील जगहों पर गश्त बढ़ा दी गई है। साथ ही दो कंपनी, दो प्लाटून पीएसी को हल्द्वानी भेजा गया है।

हल्द्वानी में हुई हिंसा को लेकर जिलाधिकारी वंदना ने पत्रकारावार्ता में कहा कि कल तीन तरीके से हमला हुआ था। पहले पत्थरबाजी की गई। फिर पेट्रोल पंप जलाया और फिर थाना फूंका गया। हमारी कल भी सुरक्षा व्यवस्था पूरी थी। जिलाधिकारी ने कहा कि नगर निगम की टीम जहां थाना फूंका गया वहां सफाई करने गई है। सुरक्षा व्यवस्था पूरी की गई है। तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए डीएम वंदना ने रात में ही कर्फ्यू लगाते हुए उपद्रवियों को देखते ही गोली मारने के आदेश भी दे दिए हैं। रात में इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है। चार कंपनी पीएसी समेत जिले भर के थाने व चौकियों का स्टाफ बनभूलपुरा पहुंच गया। उपद्रवी चिन्हित किए जा रहे हैं। वहीं, शुक्रवार को बाजार एवं सभी स्कूलों को बंद रखने के भी निर्देश जारी किए हैं।

बता दें कि बनभूलपुरा वही इलाका है जहां पिछले साल रेलवे की भूमि पर बसी 50 हजार की आबादी वाली बस्ती को खाली कराने का हाई कोर्ट ने आदेश दिया था। पुलिस-प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने के लिए पूरी तैयारी भी कर ली थी। इसी बीच मामला सुप्रीम कोर्ट पहुंच गया और वर्तमान में विचाराधीन है। मुस्लिम बहुल क्षेत्र में बनभूलपुरा के मलिक का बगीचा में पिछले दिनों नगर निगम और प्रशासन की टीम अतिक्रमण के विरुद्ध कार्रवाई करने के लिए पहुंची थी। इस दौरान यहां अवैध मदरसा और नमाज स्थल भी मिला। गुरुवार दोपहर सवा चार बजे करीब पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की टीम बुलडोजर लेकर अतिक्रमण तोड़ने पहुंची थी। प्रशासनिक व पुलिस अधिकारियों के अलावा पुलिस व निगम कर्मचारी मिलाकर करीब 700 लोगों की फोर्स थी, लेकिन जैसे ही बुलडोजर और टीम आगे बढ़े। चारों तरफ से पथराव शुरू हो गया। देखते ही देखते करीब 10 हजार से अधिक मुस्लिम समुदाय के लोगों की भीड़ जुट गई।

सड़क से लेकर घरों की छतों से पत्थर बरसने लगे। एसडीएम कालाढूंगी रेखा कोहली, एसपी हरबंस सिंह, एसओ प्रमोद पाठक समेत पुलिस, निगमकर्मी संग पत्रकारों को पत्थर लगे। छह बजे तक बवाल पूरे क्षेत्र में फैल चुका था। भारी संख्या में उपद्रवी बनभूलपुरा थाने पहुंच गए। जहां उन्होंने थाने के बाहर खड़े पुलिस व मीडियाकर्मियों के एक दर्जन से अधिक वाहनों को भी आग के हवाले कर दिया। इसके अलावा अलग-अलग इलाकों में 50 से अधिक वाहन जलाए गए हैं। इसमें पीएसी व पुलिस की दो बस, सड़कों पर खड़े चौपहिया व दोपहिया वाहन शामिल हैं। दर्जनों वाहनों को क्षतिग्रस्त किया गया है।

 

#HaldwaniViolence#HaldwaniNews#cmpushkarsinghdhami#pushkarsinghdhami#cmdhami#Uttarakhandcm#Dehradunnews#Uttarakhandnews#Khabarnewindia#khabarindia,