आखिर कहाँ मुज़फ्फरनगर में गांव से पलायन करने को मजबूर हुआ परिवार !
मुज़फ्फरनगर, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): भोपा थाना क्षेत्र के गांव बेहडा थ्रू निवासी जाट परिवार के राजबीर सिंह पुत्र मूला का मकान गांव के ही दलित परिवारों के आस-पास है। पीडि़त राजवीर का आरोप है कि दलित परिवार के उसके पड़ोसी घर के सामने रास्ते को लेकर उसके व उनके परिवार के साथ आए दिन गाली-गलौच व मारपीट करते रहते है। दलित होने के कारण पुलिस भी मामले को गंभीरता से नहीं लेती। इससे आरोपियों के हौसले बुलंद हैं। घटना लगभग एक माह पूर्व की है। शाम के समय पीडि़त अपने परिवारजनों के साथ घर पर मौजूद था। उसी समय गांव के ही दलित परिवारों के जयवीर पुत्र बेगराज सुमन पत्नी श्याम सिंह, सुखराम पाल पुत्र पीरु, आदेश पुत्र राजकुमार, रविंद्र पुत्र राजवीर, अनुज पुत्र ओमवीर, तेजपाल पुत्र नत्थू, बसंत पुत्र श्याम सिंह व सुमन पत्नी श्याम सिंह आदि ने मिलकर पीडि़त के पुत्र संजीव कुमार, मनोज कुमार व पीडि़त के साथ जान से मारने की नीयत से लाठी-डंडों से लैस होकर गाली-गलौच करते हुए मारपीट कर दी। घर में अफरातफरी मच गई और पीडि़त का परिवार शोर मचाता हुआ जान बचाने की हमलावरों से गुहार लगाता रहा, लेकिन सबने उनकी बातों को अनसुना कर दिया। आरोपियों ने पीडि़त की भाभी कमलेश पत्नी सोमपाल को भी मारपीट कर गंभीर रूप से घायल कर दिया और देख लेने की धमकी देते हुए भाग गए। पीडि़त ने किसी तरह से अपनी जान बचाई और भाभी को डाक्टर के यहां भर्ती कराया। पुलिस से मामला दर्ज करने व हमलावरों के जुल्मों से निजात दिलाने की गुहार लगाई। पुलिस द्वारा पीडि़तों पर समझौता करने का दबाव बनाया गया। इससे आरोपियों के इरादे बुलंद होते चले गए और उसी का नतीजा है कि पीडि़त परिवार आरोपियों की आये दिन की हरकतों से आजिज आ गया। उन्होंने आए दिन पीड़ितों को गाली-गलौच व महिलाओं के साथ बदतमीजी करना शुरू कर दिया। पीडि़त तभी से पुलिस के चक्कर काट रहा है। पीडि़त का कहना है कि पूर्व में भी यह लोग उन्हें व उनके परिजनों को निशाना बना चुके हैं, जिसका मुकदमा दोनों पक्षों के बीच चल रहा है। उसी मुकदमे में दबाव बनाने के लिए दलित परिवारों के लोग व आरोपी उनके साथ आये दिन मारपीट, गाली गलौज व झगड़ा करते रहते हैं। शिकायत करने पर पुलिस भी कोई कार्यवाही नहीं करती। रोज-रोज के झगड़ों से परेशान होकर पीडि़त परिवार ने पुलिस क्षेत्राधिकारी भोपा से मदद की गुहार लगाई है। पीडि़त परिवार का कहना है कि यदि पुलिस मुकदमा दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ उचित कार्यवाही नहीं करती, तो दलितों के अत्याचारों से तंग आकर उन्हें अपने मकान बेचकर गांव से पलायन करने को मजबूर होना पड़ेगा। उधर पुलिस क्षेत्राधिकारी का कहना है कि पुलिस मामले को गंभीरता से देख रही है। पीडि़तों को हर हालत में न्याय दिलाया जाएगा और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस पीडि़त परिवार के साथ हैं। सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार पूर्व में भी पुलिस ने न्यायालय के आदेश पीडि़त का मुकदमा दर्ज किया था। उसी मुकदमे में समझौता करने का दबाव बनाने को पीडि़त के परिजनों को आये दिन निशाना बनाया जा रहा।







