Farmer Protest : दिल्ली बॉर्डर पर किसानों का हल्लाबोल
खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क) : दिल्ली जा रहे आंदोलनकारियों किसानों ने नोएडा में मार्च रोक दिया है। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर दिल्ली की तरफ से भी बड़ी संख्या में सुरक्षा बल और पुलिस तैनात है नोएडा से किसानों के दिल्ली कूच के ऐलान को देखते हुए दिल्ली पुलिस ने भी पुख्ता तैयारी की है. दिल्ली-यूपी चिल्ला बॉर्डर पर बड़ी संख्या में पुलिस बल की तैनाती की गई है. इससे पहले दिल्ली कूच के लिए ट्रैक्टर ट्रॉली और अन्य वाहनों पर आए किसानों ने अपने अपने संगठन के बैनर तले, नोएडा में महामाया फ्लाईओवर के पास जमा होकर नारेबाजी की. पुलिस ने उन्हें आगे बढ़ने से रोकने की कोशिश की और इस दौरान किसानों की उनके साथ झड़प हुई. इस दौरान प्रदर्शनकारी किसानों ने बैरिकेड तोड़ दिए. पुलिस ने उन्हें नोएडा के दलित प्रेरणा स्थल के गेट नंबर दो पर रोक दिया है . संयुक्त किसान मोर्चा के नेता डॉ. रुपेश वर्मा ने दावा किया कि मोर्चा अबकी बार किसानों की मांगों को हर हाल में पूरी करवा कर वापस लौटेगा. सरकार और अधिकारियों के पास हमारी मांगें पूरी करने का समय है। इसके बिना हम अपने घर नहीं लौटेंगे। हमने उन्हें पहले ही अपने कार्यक्रम बता दिए हैं। अगर वे शाम तक कुछ घोषणा नहीं करेंगे, तो हम आगे अपने कार्यक्रम घोषित करेंगे।किसान प्रदर्शन के चलते दिल्ली- नोएडा बॉर्डर पर यातायात प्रभावित है।
किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च को लेकर जगह-जगह सुरक्षा व्यवस्था पर जॉइंट सीपी संजय कुमार ने बताया, "संसद सत्र को देखते हुए नई दिल्ली इलाके में बीएनएस की धारा 163 लागू कर दी गई है. महामाया फ्लाईओवर, चाहे वह जिले की सीमा हो, डीएनडी हो या कालिंदी, बिना अनुमति के भीड़ न घुस पाए, इसके लिए जवानों की अतिरिक्त तैनाती की गई है. सीमाओं पर सीएपीएफ, स्थानीय पुलिस, बैरिकेडिंग की गई है. ड्रोन से भी निगरानी की जा रही है." किसानों के 'दिल्ली चलो' मार्च पर किसान नेता राकेश टिकैत ने कहा, "किसानों को महामाया फ्लाईओवर पर रोक दिया गया है. किसान दिल्ली की ओर जाना चाहते हैं, क्योंकि समाधान दिल्ली से ही निकलेगा. पुलिस किसानों को रोक रही है, जबकि किसान दिल्ली की ओर जाना चाहते हैं.
भारतीय किसान यूनियन के नेता पवन खटाना ने कहा, "गौतमबुद्ध नगर के जिन किसानों की जमीन चली गई है, उनके लिए हमारी मुख्य मांग है कि उन्हें 10% विकसित प्लॉट दिया जाए और जिन किसानों को अभी तक नहीं मिला है, उन्हें 64.7% पारिश्रमिक दिया जाए. 2013 में गौतमबुद्ध नगर के किसानों ने भूमि अधिग्रहण कानून के लिए लड़ाई लड़ी और उसे पास करवाया, लेकिन उसे लागू नहीं किया गया. किसी भी किसान को चार गुना मुआवज़ा नहीं मिला. सर्किल रेट में कोई बढ़ोतरी नहीं हुई. एयरपोर्ट की वजह से किसान विस्थापित हो रहे हैं और विस्थापन नीति में कोई बदलाव नहीं हुआ. जब तक विस्थापन नीति में कोई बदलाव नहीं होता, हम विरोध करते रहेंगे.
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