हल्द्वानी/देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क)  : केन्द्रीय गृह मंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की उपस्थिति में अन्तरराष्ट्रीय स्पोर्ट्स स्टेडियम गोलापार, हल्द्वानी में 38वें राष्ट्रीय खेल का समापन समारोह आयोजित किया गया। भारतीय ओलंपिक संघ की अध्यक्ष श्रीमती पीटी. ऊषा ने 38वें राष्ट्रीय खेल के समापन की घोषणा की। इस अवसर पर केन्द्रीय गृह मंत्री ने प्रथम तीन स्थान प्राप्त करने वाले सर्विसेज, महाराष्ट्र और हरियाणा को सम्मानित किया।  28 जनवरी 2025 से राष्ट्रीय खेलों का आगाज, देहरादून में प्रधानमंत्री प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में हुआ, जबकि समापन 14 फरवरी को हल्द्वानी में गृह मंत्री अमित शाह की उपस्थिति में हुआ। उत्तराखंड में आयोजित 38वें राष्ट्रीय खेल इस बार व्यवस्थाओं से लेकर आयोजन तक  लेकर लंबी लकीर खींचने वाले साबित हुए हैं। इस बार के राष्ट्रीय खेल पर्यावरण हितैषी कदमों से लेकर खिलाड़ियों की सुविधाओं और स्वास्थ्य की देखभाल को लेकर चर्चाओं मे रहे। 38वें राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह में हिस्सा लेने के लिए केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह हल्द्वानी पहुंचे. सीएम पुष्कर सिंह धामी ने गृहमंत्री अमित शाह का स्वागत किया।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने उत्तराखण्ड के चारों धामों के देवी देवताओं को प्रणाम करते हुए कहा कि मुख्यमंत्री श्री धामी ने उत्तराखंड के हर जिले में खेल इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार हो गया है। उन्होंने कहा मुख्यमंत्री ने देवभूमि को राष्ट्रीय खेलों के नक्शे पर 25वें स्थान से 7वें स्थान पर लाने का कार्य किया है। राष्ट्रीय खेलों में उत्तराखंड के विजेता खिलाड़ियों ने देवभूमि को खेल भूमि बनाया है। केंद्रीय गृह मंत्री ने सभी उत्तराखंड के विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं देकर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। 38वें राष्ट्रीय खेलों के समापन समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाते हुए कहा कि मोदी सरकार देशभर में खेलों के लिए विश्वस्तरीय इंफ्रास्ट्रक्चर और इकोसिस्टम तैयार कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने खेलों को बढ़ावा देने के लिए कई अहम कदम उठाए हैं, जिसका असर मेडल जीतने की संख्या में साफ दिखाई देता है। गृहमंत्री अमित शाह ने उत्तराखंड के सभी खिलाड़ियों को बधाई दी। गृहमंत्री अमित शाह ने कहा कि आज हर राज्य खेलों को बढ़ावा देने के लिए आगे आ रहा है। उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्य ने भी शानदार आयोजन कर यह साबित कर दिया कि भारत का हर क्षेत्र खेलों का हब बनने को तैयार है। अगले राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी मेघालय जैसे छोटे राज्य को सौंपी गई है। 

उत्तराखंड जैसे अपेक्षाकृत छोटे राज्य को राष्ट्रीय खेलों की तैयारी के लिए बहुत कम समय मिला। सफल आयोजन किसी चुनौती से कम नहीं था, क्योंकि उत्तराखंड को राज्य बने सिर्फ 25 वर्ष हुए हैं। जिस पड़ोसी पर्वतीय राज्य हिमाचल के मॉडल को अपनाने की अक्सर बातें होती हैं, उसे राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी कभी नहीं मिली। मणिपुर और असम के बाद उत्तराखंड राष्ट्रीय खेल कराने वाला तीसरा हिमालयी राज्य बन गया है। वर्ष 2000 में उत्तराखंड के साथ राज्य का दर्जा हासिल करने वाले झारखंड ने वर्ष 2011 में राष्ट्रीय खेल कराए हैं, जबकि छत्तीसगढ़ मेजबानी मिलने के बावजूद इसका आयोजन नहीं करा पाया था। उत्तराखंड ने 38 वें राष्ट्रीय खेलों के लिए मजबूत आधारभूत ढांचा तैयार किया। अत्याधुनिक उपकरण मंगवाए। इस वजह से कई रिकार्ड भी टूटे। दस हजार खिलाड़ियों के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई।
 

बता दें 28 जनवरी को उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में नेशनल गेम्स का आगाज हुआ था. पीएम मोदी ने देहरादून में नेशनल गेम्स का शुभारंभ किया था. उत्तराखंड के अलग अलग स्थानों में नेशनल गेम्स 28 जनवरी से 14 फरवरी तक आयोजित हुये. इस अवसर पर मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड संगमा, केंद्रीय राज्य मंत्री अजय टम्टा, राज्यसभा सांसद महेन्द्र भट्ट, सांसद अजय भट्ट उपस्थित थे।

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