लखनऊ/खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): अपने चुनावी वादे को पूरा करने के क्रम में योगी सरकार ने ग्रामीणों को स्वामित्व योजना के तहत उनके आवास का मालिकाना हक प्रदान करने घरौनी प्रमाण पत्र देने की इसी माह शुरुआत हो जायेगी। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बुधवार को दी गयी जानकारी के अनुसार इसके लिये आयोजित होने वाले एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्रामीणों को घरौनी प्रमाण पत्र उपलब्ध करायेंगे। मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से बुधवार को दी गयी जानकारी के अनुसार इसके लिये आयोजित होने वाले एक भव्य समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ग्रामीणों को घरौनी प्रमाण पत्र उपलब्ध करायेंगे। गौरतलब है कि बीते साल 23 दिसंबर तक प्रदेश में स्वामित्व योजना के तहत 27.47 लाख ग्रामीणों को घरौनी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराया जा चुका है। इस सिलसिले को आगे बढ़ाते हुए इस माह चार हजार गांवों के चार लाख से अधिक ग्रामीणों को घरौनी प्रमाण पत्र मुहैया कराने की तैयारी राजस्व बोर्ड ने कर ली है। प्रदेश के ग्रामीणों को उनकी आवासीय संपत्ति के दस्तावेज डिजिटल रूप में मिलें, इसके लिए प्रदेश सरकार ने सूबे के करीब एक लाख गांवों की 7.65 करोड़ संपत्तियों का कंप्यूटरीकरण कराने की स्वामित्व योजना तैयार की है। बीते साल 12 अक्टूबर को इस योजना की शुरुआत हुई थी। इसके तहत खेतों की खतौनी की तर्ज पर राजस्व बोर्ड ग्रामीणों की आवासीय संपत्ति के मालिकाना हक का दस्तावेज तैयार करा रहा है। राजस्व बोर्ड के अधिकारियों के अनुसार, घरौनी प्रमाण पत्र के माध्यम से ग्रामीण बैंकों से लोन प्राप्त कर सकते हैं। अभी तक ग्रामीणों को उनके मकान पर बैंक लोन नहीं देते थे, क्योंकि गांव में बने ग्रामीणों के मकान का कोई मालिकाना हक साबित करने वाला दस्तावेज उनके पास नहीं था।