आजादी के अमृत महोत्सव वर्ष के अवसर पर राष्ट्रगीत वंदेमातरम के रचियता बंकिम चन्द्र चटर्जी को सामुहिक गायन कर किया गया याद
देहरादून, खबर न्यू इंडिया (न्यूज़ डेस्क): "भारत विकास परिषद" समाज में विभिन्न व्यवसायों व कार्यों में लगे श्रेष्ठ लोगों का एक राष्ट्रीय अराजनैतिक, निःस्वार्थ, समाजसेवी सांस्कृतिक संगठन है, गणतन्त्र दिवस 26 जनवरी, 2018 को पहली बार भारत विकास परिषद, देहरादून की सभी शाखाओं द्वारा 'सामुहिक वन्देमातरम गायन का आयोजन देहरादून मे अपनी एक पहचान बना चुका है। इसी श्रृंखला को आगे बढ़ाते हुए भारत विकास परिषद ने वन्देमातरम् के रचयिता श्री बकिंमचन्द्र चटर्जी के जन्म दिवस 26 जून पर श्री महन्त इन्द्रेश हास्पिटल से सम्बद्ध गुरु राम राय मेडिकल कालेज के आडिटोरियम मे सामूहिक वंदेमातरम गायन कार्यक्रम का आयोजित किया।

कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उत्तराखंड के माननीय कृषि मन्त्री सुबोध उनियाल ने अपने सम्बोधन मे श्री बंकिम चन्द्र चटर्जी को उनके जन्मदिन पर याद करते हुए कहा कि राष्ट्गीत वन्देमातरम स्वतंत्रता आंदोलन का मूलमन्त्र बना जहाँ आजादी के दीवाने वन्दे मातरम गाते हुये निकल पड़ते थे और अपनी जान पर खेलने को तैयार रहते थे। भारत विकास परिषद ने आजादी के अमृत महोत्सव पर श्री बंकिमचंद्र चटर्जी को श्रदांजलि देते हुए सामूहिक वन्दे मातरम गायन द्वारा नवयुवकों को देश की रक्षा एवं प्रबुद्धता को बचाने का सन्देश दिया। इस आयोजन के लिये भारत विकास परिषद बधाई का पात्र है।
गोष्ठी एवं कार्यक्रम के वक्ता दून विश्वविद्यालय की कुलपति डॉ सुरेखा डंगवाल ने कहा कि बंकिमचन्द्र चटर्जी बांग्ला भाषा के प्रख्यात उपन्यासकार, कवि, गद्यकार और पत्रकार थे। भारत का राष्ट्रगीत 'वन्दे मातरम्' उनकी ही रचना है जो भारतीय स्वतंत्रता संग्राम के काल में क्रान्तिकारियों का प्रेरणास्रोत बन गया था। भारत के इस महान सपूत का जन्म 26 जून 1838 को पश्चिम बंगाल के 24 परगना जिले के कांठल पाड़ा नामक गाँव में हुआ था। उनके द्वारा लिखी गयी 9 रचनाओं मे से आनंदमठ” उनका सबसे प्रसिद्ध उपन्यास था, जो 1882 में प्रकाशित हुआ, जिससे प्रसिद्ध गीत ‘वंदे मातरम्’ लिया गया है। आनंदमठ में ईस्ट इंडिया कंपनी के वतन के लिए मर मिटने वाले भारतीय मुसलमानों और संन्यासी ब्राह्मण सेना का वर्णन किया गया है। यह किताब हिंदुओं और मुसलमानों के बीच एकता का आह्वान करती है। इस प्रसिद्ध गीत वंदे मातरम् को किसी और ने नहीं बल्कि रवीन्द्रनाथ टैगोर द्वारा संगीतबद्ध किया गया था। उन्होंने ऐसे कार्यक्रमों को विश्वविद्यालय स्तर पर कराने का आह्वान किया।

अति विशिष्ट अतिथि कृषि मंत्री सुबोध उनियाल एवं राज्य सभा सांसद नरेश बंसल ने भारत विकास परिषद के प्रयास की भूरी भूरी प्रंशसा की और भविष्य के लिये शुभकामनाएं दी। कार्यक्रम के विशिष्ट अतिथि देहरादून के मेयर सुनील उनियाल 'गामा' ने इस कार्यक्रम हेतु पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता भारत विकास परिषद के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष सुनील खेड़ा ने की। देहरादून के प्रसिद्ध बैण्ड ने देश भक्ति के गीतों से सभागार को देश प्रेम से भर दिया।राष्ट्रीय कवि एवँ भारत विकास परिषद देहरादून शाखा के सचिव ने अपनी वन्दे मातरम रचना गाकर मौहाल को देश भक्ति भावना से भर दिया। वन्दे मातरम कार्यक्रम के संयोजक एस एस कोठियाल ने भारत विकास परिषद के विषय एवं सेवा और संस्कार के प्रकल्पों की जानकारी दी एवं डां मुकेश गोयल कार्यक्रम संयोजक ने कार्यक्रम का सफल संचालन किया। सामूहिक वन्दे मातरम गायन निशा मारकण्डेय संगीत एकाडमी के बालक-बालिकाओं द्वारा किया गया। अन्त मे सहसंयोजक कृष्ण कुमार अरोड़ा ने अतिथियों, मीडिया एवं कार्यक्रम मे आये सभी सहभागियों के साथ मेडिकल कालेज आडोटोरियम के स्टाफ जिन्होंने कार्यक्रम को सफल बनाने मे सहयोग दिया को धन्यवाद एवं आभार प्रकट किया। कार्यक्रम मे प्रान्तीय अध्यक्ष बृज प्रकाश गुप्ता, महासचिव मनीषा सिंहल, उपाध्यक्ष पंडित सुबास चन्द्र शतपथी, वित्त सचिव रोहित कोचगवे, महिला संयोजिका सुगन्ध जैन ,भारत विकास परिषद देहरादून की शाखाओं के अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष, महिला संयोजिका एवं अन्य सदस्य उपस्थित रहे।







